मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

0

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, पद से हटाने की मांग

उमरिया। जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंशुल गुप्ता के अनुचित व्यवहार को लेकर जिला पंचायत के समस्त कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा अपने सहयोगियों कर्मचारियों के ऊपर अभद्रता पूर्वक व्यवहार रहता है एवं शोषण तानाशाही रवैया के कारण हम सभी कर्मचारी काफी व्यथित हैं और जब तक अंशुल गुप्ता को हटाया नहीं जाता है, तब तक के लिए अनिश्चित काल के लिए कलम बंद कर दिया गया है।
स्वयं के बनाए कानूनों पर चलने को करते हैं मजबूर
जिला पंचायत के अंतर्गत समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का कहना है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग जिला उमरिया के द्वारा समस्त कार्यालयीन एवं मैदानी कार्य पूरे इच्छाशक्ति के साथ दिन-रात करते हैं किंतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंशुल गुप्ता द्वारा हिटलर शाही रवैया अपनाते हुए कोई भी शासकीय कार्य जो नियम एवं अधिनियम में वर्णित होकर ग्राम पंचायत को प्रदत्त है, उसे समाप्त करके स्वयं के द्वारा बनाएं गए नियम कायदे कानून पर काम कराना चाहते हैं जिससे जिला पंचायत सीईओ की हिटलर शाही स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है, यहां तक की प्रशासकीय तरीके से स्वीकृत एवं जीपीडीपी जो ग्राम पंचायत एवं प्रशासन द्वारा तय की जाती है, उस पर भी मनमानी रवैया अपनाए हुए हैं और साथ ही इनके द्वारा ना ही कभी बैठक में बुलाया जाता है और ना ही किसी प्रकार के कार्यों में या गलतियों में सुनवाई का अवसर दिया जाता है, जो केवल अफसरशाही को दर्शाता है जिससे समस्त कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं।
अधीनस्थ कर्मचारियों अभद्र व्यवहार
मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर आरोप लगाते हुए अधीनस्थ कर्मचारियों ने कहा है कि इनके द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार, बिना कारण बताए सूचना पत्र का निलंबन, झूठी शिकायतों पर सेवा समाप्त, गिरफ्तारी के आदेश देना साथ ही शासन के नियमों के विपरीत अपने नियमों को जारी करवाए जाने पर विवश करना साथी कम से कम समय में काम करने को विवश करना और यह सभी कार्य मौखिक रूप से दबाव बनाकर करवाना, बैठकों में अपना आपा खोकर अभद्र शब्दों का प्रयोग करना एवं गाली-गलौज करना, साथ ही महिला कर्मचारियों से अभद्रता करते हैं, कोई भी निवेदन या आवेदन लेकर जिला पंचायत जाता है तो उसे बिना सुने ही बेइज्जत करने का कार्य करना आदि कई आरोप अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा लगाया गया है।
बगैर सूचना देते हैं गिरफ्तारी के आदेश
आरोप लगाते हुए कर्मचारियों द्वारा बताया गया की बिना कारण बताए उपयंत्री एवं सचिवों के अलावा रोजगार सहायकों को भी सेवा समाप्त कर दिया जाता है और अपने कोर्ट से अनायास ही गिरफ्तारी के आदेश तक जारी कर देते हैं, रात को 12 बजे तक ऑफिस के द्वारा बनाया गया ग्रुप में मैसेज करते रहते हैं। मैदानी अमले द्वारा संपूर्ण मैसेज को पढ़ पाना व क्रियान्वयन कर पाना संभव नहीं हो पाता है। अवकाश के दिनों पर भी योजनाबद्ध तरीके से मैदानी अमले को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए कार्य करने का दबाव देते हैं, व विवश करते हैं, जिस कारण समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानसिक एवं पारिवारिक दबाव का सामना करना पड़ता है, जो अन्याय पूर्ण है, मनमाफिक वेतन काटकर रोजगार सहायक, सचिवों को आर्थिक रूप से परेशान किया जाता है, आदि चरणबद्ध शिकायतों को लेकर संयुक्त रुप से अधिकारी-कर्मचारी अनिश्चितकालीन कलम बंद कर अपर मुख्य सचिव मध्य प्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल के अलावा मुख्यमंत्री श्री चौहान के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed