पंचायत में भ्रष्टाचार की रूप-रेखा तैयार कर रहे इंजीनियर और एसडीओ
पंचायत में भ्रष्टाचार की रूप-रेखा तैयार कर रहे इंजीनियर और एसडीओ
स्वीकृति के नाम पर कमीशन और गुणवत्ताविहीन कार्य के लिए खुली छूट
मामला जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत पगना का
ग्राम पंचायतों में पुलिया निर्माण भ्रष्टाचारियों के लिए सबसे अधिक पैसे बचाने का नायाब तरीका बन गया है। निर्माण कार्यो में निम्न दर्जे की सामग्री का उपयोग तथा तकनीकी खामियों के आधार पर निर्मित होने वाले इन पुलियों की गुणवत्ता जांचने वाले इंजीनियर अरविंद उइके और एसडीओ अमर साई राम ने पंचायत में भ्रष्टाचार की रूप-रेखा ऐसे तैयार किया, जैसे ग्राम पंचायत पगना का संपूर्ण विकास पुल के कारण ही रूका हुआ था।
अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी अंर्तगत ग्राम पंचायत पगना में मनरेगा से हो रहे निर्माण कार्यो का दुरूपयोग किया जा रहा है। पंचायत अंतर्गत इन दिनो 3 साधारण पुल का निर्माण किया जा रहा है, एक ही पंचायत में और भी स्वीकृत करने की योजना बनाये हुए है। पंचायत अंतर्गत दर्जनो समस्या है, लेकिन निर्माण केवल पुल का पूर्ण तैयारियों के साथ किया जा रहा है, इंजीनियर अरविंद उइके और एसडीओ अमर साई राम के द्वारा अपने प्रभाव और कमीशन के फेर में ठेकेदार प्रथा को जारी रखते हुए खैरात में पुल बनाने को दे दिया गया है। सरपंच सचिव को घर बैठे कमीशन देकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है, गुणवत्ताविहीन पुल निर्मित कर ग्रामीणों के साथ छल किया जा रहा है।
प्राक्कलन के विपरीत निर्माण

पंचायत अंतर्गत किसी भी निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार किया जाता है, खुद की तकनीकी स्वीकृति पर अमल न करने वाले एसडीओ और इंजीनियर के द्वारा पंचायतों में दोयम दर्जे के निर्माण सामग्री का उपयोग कराया जा रहा है। महज दिखावे के लिए दस्तावेजों का कोरम पूर्ण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को सही कर दिया जाता है, 8-8 लाख रूपए की लगात से निर्मित होने वाले पुलियों की गुणवत्ता देखा जाये तो इनके कार्यो की पोल खुल जायेगी।
मनरेगा और डीएमएफ का दुरूपयोग
पंचायतों में मनरेगा के तहत होने वाले कार्य को गुणवत्ताविहीन कर योजना का दरूपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत पगना के सरपंच को अंधेरे में रखकर निर्माण कार्यो को अंजाम दिया जा रहा है। जहां आवश्यकता नही वहां भी पुल की स्वीकृति लेकर कार्य किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का दुरूपयोग करने वाले एसडीओ अमर साई राम और इंजीनियर अरविंद उइके पर ग्रामीणों ने कार्यवाही की मांग की है।
सीईओ से कार्यवाही की मांग
ग्राम पंचायत पगना ग्रामीणों ने राज एक्सप्रेस के संवाददाता से रूबरू होते हुए कहा कि यह दोनो जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यो की जांच होनी चाहिए और दोषी पाये जाने पर कार्यवाही भी किया जाना चाहिए। पंचायतवासियों ने जनपद सीईओ विरेन्द्र मणी मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ अभय ङ्क्षसह ओहरिया से अखबार के माध्यम से अपील किया है कि पूरे कार्यो की जांच कराते हुए ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाये। अगर समय रहते ऐसे जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्यवाही नही किया गया तो ग्राम पंचायत पगना का विकास निचले पायदान पर चला जायेगा।
कलेक्टर की मंशा पर फेर रहे पानी
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ लगातार विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किये है कि गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए है, किए जा रहे रपटा, स्टाप डेम, भवन निर्माण कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने मनरेगा अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा भी की। लेकिन जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पगना में हो रहे निर्माण कार्यो न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही समयावधि में कार्य किया जा रहा है।
इनका कहना है
मैं स्वयं ग्राम पंचायत पहुंचकर निगरानी करूंगा, या फिर किसी दूसरे इंजीनियर करे भेजकर जांच करवाता हूं, अगर गुणवत्ता पर विशेष ध्यान नही दिया गया होगा तो कार्यवाही करते हुए राशि की रिकवरी भी की जायेगी।
वीरेन्द्रमणी मिश्रा, सीईओ
सीईओ, जनपद पंचायत जैतहरी