ड्यूटी टाइम में सरकारी गाड़ी बनी परिवार की सवारी,अफसरशाही का खुला खेल, वायरल वीडियो ने खोली पोल
ड्यूटी टाइम में सरकारी गाड़ी बनी परिवार की सवारी,अफसरशाही का खुला खेल, वायरल वीडियो ने खोली पोल
कटनी।। एक ओर गरीब उपभोक्ता अगर समय पर बिजली का बिल जमा नहीं कर पाता, तो बिजली विभाग के अधिकारी उसे नियमों का पाठ पढ़ाने में देर नहीं करते कभी नोटिस, कभी कनेक्शन काटने की चेतावनी। लेकिन दूसरी ओर, वही विभाग जब अपने ही अधिकारियों की बात आती है, तो नियमों की किताब जैसे कहीं गायब हो जाती है।
ताजा मामला MPEB के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर मुकेश महोवे से जुड़ा हुआ सामने आया है, जहाँ एक वायरल वीडियो ने सिस्टम के इसी दोहरे चेहरे को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, शासन द्वारा शासकीय कार्यों के लिए उपलब्ध कराया गया वाहन क्रमांक MP21TA1059 दोपहर के समय यानी साफ तौर पर ड्यूटी टाइम में निजी उपयोग में नजर आया। वीडियो में गणेश चौक स्थित MPEB कार्यालय परिसर में खड़ी सरकारी गाड़ी के अंदर अधिकारी का परिवार मौजूद दिख रहा है, जिसमें तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं।
गरीब पर सख्ती, अफसर पर नरमी क्यों
जब कोई गरीब उपभोक्ता बिल भरने में देरी करता है, तो नियमों का हवाला देकर तुरंत कार्रवाई की जाती है। लेकिन जब अधिकारी खुद सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करते नजर आते हैं, तो वही नियम लचीले क्यों हो जाते हैं।
ड्यूटी टाइम में निजी सेवा किसके आदेश पर
सरकारी वाहन केवल शासकीय कार्यों के लिए होता है। ड्यूटी टाइम में इसका निजी उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह पद के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला भी बनता है। ऐसे में सवाल उठता है क्या यह सब बिना किसी उच्च स्तर की जानकारी के संभव है
जनता के टैक्स से चल रही परिवारिक सवारी
सरकारी गाड़ी, ईंधन और चालक इन सबका खर्च जनता की जेब से आता है। ऐसे में यदि इन्हें परिवारिक सुविधा के लिए इस्तेमाल किया जाए, तो यह सीधे-सीधे सरकारी धन का दुरुपयोग है।
वायरल वीडियो बना आईना
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो केवल एक घटना नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना है जहाँ जवाबदेही कमजोर और अधिकार मजबूत हो गए हैं। लोग खुलकर सवाल कर रहे हैं क्या नियम सिर्फ गरीबों के लिए ही बने हैं अब देखना यह है कि इस मामले में विभाग और प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या जांच होगी, क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी समय के साथ दब जाएगा।
इस संबंध में MPEB के एक्सयूटिव इंजीनियर मुकेश महोवे से फोन नंबर 9425806200 पर दो वार संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन उठना मुनासिव नही समझा।