बड़गांव शासकीय स्कूल में छात्र करंट की चपेट में कैसे आया? घटना पर सवाल, स्कूल प्रबंधन की भूमिका जांच के घेरे में
बड़गांव शासकीय स्कूल में छात्र करंट की चपेट में कैसे आया?
घटना पर सवाल, स्कूल प्रबंधन की भूमिका जांच के घेरे में
कटनी।। जिले के बड़गांव स्थित शासकीय स्कूल में कक्षा नवमी के एक छात्र के करंट की चपेट में आने का मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। यह घटना केवल एक दुर्घटना थी या स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा इसकी जांच अब आवश्यक हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहम कुशवाहा पिता खुशीलाल कुशवाहा उम्र 14 वर्ष रोज़ की तरह सुबह करीब 9 बजे स्कूल के लिए निकला था। स्कूल पहुंचने के बाद वह लघुशंका के लिए परिसर में बने प्रसाधन कक्ष गया, जहां कथित रूप से वह विद्युत करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद छात्र को बड़गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां फिलहाल उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार छात्र की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वह निगरानी में है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल परिसर के प्रसाधन कक्ष में करंट कैसे फैल गया। इन सभी बिंदुओं पर अभी तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
घायल छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने छात्र को स्वयं अस्पताल नहीं पहुंचाया, बल्कि केवल परिजनों को सूचना दी गई। इसके बाद परिजन ही छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचे।
परिजनों का यह भी आरोप है कि यदि समय पर स्कूल प्रबंधन जिम्मेदारी निभाता, तो स्थिति और बेहतर तरीके से संभाली जा सकती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्कूल परिसर की विद्युत व्यवस्था, प्रसाधन कक्ष की स्थिति और घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी लापरवाही का परिणाम था या मानवीय चूक का। फिलहाल यह मामला सिर्फ एक छात्र के घायल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।