खेल के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बनी जिले की पहचान: सुश्री मीना सिंह

राष्ट्रीय किक्रेट टूर्नामेंट से स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा सीखने
का अवसर: कलेक्टर
उमरिया। खेल मे हार जीत मायने नही रखती, मायने रखती हैं खिलाडिय़ों का जुझारूपन एवं खिलाड़ी भावना से खेल मे संघर्ष । जिले की पहचान खेल के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बनीं है। विभिन्न स्तरों पर खेलने वाले किक्रेट के खिलाड़ी अखिल भारतीय पैराडाइज गोल्ड कप किक्रेट टूर्नामेंट में भाग लेते है। जिले के दर्शकों एवं यहां की अच्छी यादें लेकर वापस जाते है। नगर की खेल प्रेमी जनता अच्छे खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करनें में आगें रहती है। किक्रेट टूर्नामेंट के लगातार 24 वर्षो से आयोजन के लिए पैराडाइज क्लब के पदाधिकारी सराहना के पात्र है। उक्त आशय के विचार प्रदेश शासन की जन जातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने स्थानीय स्टेडियम ग्राउण्ड में आयोजित अखिल भारतीय पैराडाइज गोल्ड कप टूर्नामेंट के 24वें सोपान के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किए।
8 राज्यों की टीमे लेंगी भाग
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि उमरिया जैसी छोटी जगह में इतने बड़े टूर्नामेंट का आयोजन सुखद अनुभव है। प्रतियोगिता का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय नियमो के तहत किया जा रहा है। अच्छी टीमें भाग ले रही है। मुझे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि आगामी दिनों में उमरिया जिले के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थाना बनायेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि यह प्रतियोगिता विगत 23 वर्षो से चल रही है। यह 24वां सोपान है। देश भर के आठ राज्यों की चुनी हुई टीम 20-20 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेेंगी। प्रतियोगिता का समापन 28 फरवरी को संपन्न होगा।