असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हक के लिए मैदान में उतरी इंटकजिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी ने टीम के साथ शुरू किया सघन दौरा
(मोहम्मद शाकिब खान, मुख्य संवाददाता, गौरेला)
दिनांक 11/04/2026
गौरेला पेंड्रा मरवाही:
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम)। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) ने अब संगठित क्षेत्र के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी उनका पूरा हक और अधिकार दिलाने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में, प्रदेश इंटक के निर्देशानुसार जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले में इंटक जिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी ने अपनी टीम के साथ जिले भर के मजदूरों से सीधा संवाद और जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाने का अभियान शुरू कर दिया है।
46वीं वर्किंग कमेटी के निर्णय पर अमल
बीते 1 अप्रैल को राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) की 46वीं वर्किंग
कमेटी की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों, उनकी मजदूरी, सुरक्षा, भविष्य निधि (PF) और बीमा के लिए संगठन मजबूती से काम करेगा। इसी आदेश का पालन करते हुए जिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी जिले के हर उस संस्थान, उद्योग, मिल और फैक्ट्री तक पहुंच रहे हैं, जहां असंगठित मजदूर कार्यरत हैं
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विभिन्न कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण और डाटा संकलन
अपने दौरे के पहले दिन इदरीस अंसारी और उनकी टीम ने 
निम्नलिखित स्थानों पर पहुंचकर मजदूरों से सीधा संवाद किया:
ग्राम पंचायत पढ़खुरी में निर्माणाधीन पुल के मजदूर।
मेंडुका पेट्रोल पंप।
लालपुर पेट्रोल पंप।
गौरेला मथुरा पेट्रोल पंप।
मिनी पेट्रोल पंप।
पारदर्शिता के लिए हो रही वीडियोग्राफी
दौरे की सबसे खास बात यह है कि टीम द्वारा मजदूरों से जानकारी मौखिक रूप से लेने के साथ-साथ श्रम विभाग द्वारा जारी फॉर्म भी भरवाए जा रहे हैं और मजदूरों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। 
मालिकों और ठेकेदारों द्वारा भविष्य में मजदूरों पर किसी भी प्रकार का दबाव न बनाया जा सके या वे मुकर न सकें, इसके लिए पूरी बातचीत और निरीक्षण की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।
आगे की रणनीति और 1 मई (मजदूर दिवस) का लक्ष्य
इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने बताया कि यह सघन दौरा अभी लगातार एक सप्ताह तक चलेगा।
इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
अधिकारियों से शिकायत: जहां भी मजदूरों को निर्धारित मजदूरी न मिलने या सुरक्षा में चूक की बात सामने आएगी, उसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला श्रम अधिकारी, लेबर कमिश्नर और संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी।
मजदूर दिवस पर रिपोर्ट: यदि एक सप्ताह में जिले भर के मजदूरों का डाटा इकट्ठा हो जाता है, तो आगामी 1 मई (अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस) के कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं और आम जनता के सामने इस जमीनी हकीकत की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे रिपोर्ट: यह पूरा डाटा प्रदेश इंटक की आगामी बैठक में भी रखा जाएगा ताकि सरकार से मजदूरों के हक की बात मजबूती से की जा सके।
मजदूरों के हक से कोई समझौता नहीं: इदरीस अंसारी
जिलाध्यक्ष इदरीस अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि, “मजदूरों के हक और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां से भी शोषण की शिकायत मिलेगी, हमारी टीम श्रम अधिकारियों से लेकर उच्च स्तर तक जाएगी और सरकार द्वारा बनाए गए श्रम कानूनों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।”
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मजदूरों के मसीहा के रूप में पहचान रखने वाले इदरीस अंसारी और इंटक की यह सक्रियता जीपीएम जिले के असंगठित मजदूरों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला पाती है।