कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने किया अमरकंटक का शैक्षणिक भ्रमण
शहडोल। शासकीय इंदिरा गांधी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं को 25 फरवरी को शैक्षणिक भ्रमण में अमरकंटक ले जाया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा नीलम द्वारा महाविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन एवं छात्राओं को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने की दृष्टि से इतिहास एवं संस्कृत विभाग की छात्राओं के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन कराया गया। इस भ्रमण में महाविद्यालय के इतिहास विभाग एवं संस्कृत विभाग की 27 छात्राएं शामिल हुई।
इस शैक्षणिक भ्रमण में इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र सिंह, सहायक प्राध्यापक इतिहास बी. के. सिंह, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रविश तमन्ना ताजिऱ, सहायक प्राध्यापक संस्कृत डॉ. विनोद कुमार सुनार, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता सिंह मरकाम एवं श्रीमती रेवा अट्टा सहायक प्राध्यापक-रसायनशास्त्र ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। शैक्षणिक भ्रमण के अंतर्गत महाविद्यालय की छात्राओं को अमरकंटक में नर्मदा उद्गम स्थल के समीप स्थित ऐतिहासिक मंदिर समूह का भ्रमण कराया गया।
इस मंदिर समूह में शिव मंदिर, विष्णु मंदिर या केशव नारायण मंदिर, पंचमठा मंदिर, जुहीला मंदिर, पातालेश्वर मंदिर, कर्ण मंदिर प्रमुख हैं। इनमें से अधिकांश मंदिर 11वीं शताब्दी में कलचुरी शासक कर्णदेव द्वारा निर्मित कराए गए थे। मान्यतानुसार यहां शिवलिंग की स्थापना आदिशंकराचार्य के द्वारा करायी गयी थी।
इतिहास विभाग के प्राध्यापक प्रो. बी. के. सिंह ने इन मंदिरों की स्थापत्य कला एवं मंदिर निर्माण की नागर शैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से छात्राओं को अवगत कराया गया। इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र सिंह इन मंदिरों के ऐतिहासिक महत्व तथा मंदिर में शिखर, मंडप, गर्भगृह, स्तंभ, आमलक इत्यादि के बारे में छात्राओं को विस्तार से बताया। भारतीय पुरातत्व विभाग इन मंदिरों के देखरेख का कार्य कर रहा है। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रविश तमन्ना ताजिऱ ने संस्कृत साहित्य में प्राचीनकाल में आम्रकूट पर्वत के नाम से विख्यात अमरकंटक के वर्णनों के बारे में बताया। साथ ही डॉ. विनोद कुमार सुनार, सहायक प्राध्यापक-संस्कृत ने छात्राओं को नर्मदा या रेवा नदी एवं सोन नद के भौगोलिक उद्गम तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराया।