लाखों के भू-खण्ड, अतिक्रमणकारियों से हुए मुक्त
बुढ़ार में अधिवक्ता सहित बरतरा में दर्जनों ग्रामीणों से मुक्त हुए भू-खण्ड
कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह के निर्देशन में पुलिस-प्रशासन की साझा कार्यवाही
बुढ़ार/ शहडोल। भू-माफियाओं के खिलाफ मंगलवार को कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह के निर्देशन में पुलिस और प्रशासन की साझा टीम ने दर्जनों भू-खण्ड अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराये, बुढ़ार में मुख्य मार्ग पर अधिवक्ता संजय पाण्डेय के द्वारा किये गये अतिक्रमण के बाद रूंगटा तिराहे और अंत में ग्राम बरतरा में 7 स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की सूझबूझ से विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हुई।
कार्यवाही की भी और…
बुढ़ार तहसील अंतर्गत आराजी खसरा क्रमांक 1148/2 में संजय पाण्डेय पिता कालिका प्रसाद पाण्डेय के द्वारा अतिक्रमण किया गया था, स्थानीय निकाय सहित तहसील कार्यालय से भी संजय पाण्डेय को पूर्व में नोटिस व अन्य पत्र जारी किये गये थे, लेकिन कानूनी दांव-पेंचो में माहिर होने के साथ ही बुढ़ार में दो गुटों के बीच चल रहे विवाद में फंसे संजय पाण्डेय किसी न किसी गुट को साधने मे सफल होते रहे और कार्यवाही से बचते रहे, मंगलवार को एसडीएम, तहसीलदार, आरआई, पटवारी सहित राजस्व अमले की पूरी टीम के साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य, एसडीओपी धनपुरी भरत दुबे व बुढ़ार सहित खैरहा, धनपुरी, अमलाई थाने के प्रभारी व स्टॉफ भारी संख्या में उपस्थित रहे। पुलिस लाईन से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन के द्वारा कार्यवाही के गुब्बारे की हवा निकलते देर नहीं लगी। पूरा काम्पलेक्स अतिक्रमण में बताकर तोडऩे आई प्रशासनिक टीम ने यहां ”नाखून काट कर शहादतÓÓ का जश्न मनाया और गंतव्य की ओर चली गई।
रूंगटा चौक पर हुई कार्यवाही
मुख्य मार्ग के बाद पूरी टीम एनएच-43 रूंगटा चौक पर जा पहुंची, जहां आरोप था कि किसी अशोक उपाध्याय के द्वारा अतिक्रमण करके भू-खण्ड बेचे जा रहे हैं, मौके पर चाय-नाश्ते की संचालित गुमटी को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, विदित हो कि इसी मार्ग पर बीते माह पुलिस और प्रशासन की टीम ने नवीन चंदानी के द्वारा किये गये लाखों की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराया था।
बरतरा में दर्जनों झोपडिय़ा हटाई
बुढ़ार तहसील अंतर्गत ग्राम बरतरा में शासकीय आराजी के बड़े भू-खण्ड पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सामूहिक अतिक्रमण के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्यवाही की गई। यहां 7 बड़े अतिक्रमणकारियों के अलावा 30 से 40 झोपडिय़ा नजूल की भूमि पर अतिक्रमण की नीयत से बनाई गई थी, इन सब पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।