रेत माफिया पर नरमी या मिलीभगत? अमरपुर चौकी की कार्रवाई पर उठे बड़े सवाल
(जय प्रकाश शर्मा)मानपुर। क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सुखदाश और पड़वार के बीच नदी क्षेत्र से रेत लेकर आ रहे एक नीले रंग के सोनालिका ट्रैक्टर को अमरपुर चौकी पुलिस ने पकड़कर चौकी परिसर में खड़ा किया। करीब पांच घंटे तक वाहन चौकी में खड़ा रहा, लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना किसी स्पष्ट वैधानिक कार्रवाई के छोड़ दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि वाहन के पास वैध रॉयल्टी थी तो उसे नदी से पकड़कर चौकी तक लाने की जरूरत क्यों पड़ी? और अगर रॉयल्टी नहीं थी, तो नियमों के तहत जब्ती और चालानी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
जानकारी के अनुसार, यह ट्रैक्टर सुखदाश निवासी भीम जायसवाल का बताया जा रहा है। क्षेत्र में उनके खिलाफ पहले भी अवैध रेत परिवहन और उत्खनन के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि कुछ समय पहले वन भूमि से रेत निकालते हुए वन विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ा था, जहां विवाद की स्थिति भी बनी थी।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रही हैं। क्या कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है?
इधर, मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर रोक के दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं।