इंस्टाग्राम पर ‘बच्चा चोर’ की भ्रामक वीडियो वायरल: बेकसूर हो रहे भीड़ की हिंसा का शिकार, पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
GPM जिले में बच्चा चोरी का कोई मामला नहीं, फिर भी अफवाहों से दहशत का माहौल; cg31live, cg_sunny_vlog._, raj.bhai.kushwaha जैसे इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर एफआईआर (FIR) की दरकार।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (मोहम्मद शाकिब खान, चीफ रिपोर्ट) :
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम पर इन दिनों ‘बच्चा चोर’ गिरोह के सक्रिय होने की भ्रामक और फर्जी वीडियो धड़ल्ले से शेयर की जा रही हैं। कुछ विशेष इंस्टाग्राम आईडी जैसे- cg31live, cg_sunny_vlog._ और raj.bhai.kushwaha के जरिए इन अफवाहों को लगातार हवा दी जा रही है। इन वीडियो को हजारों की संख्या में लोग देख रहे हैं और बिना सत्यता जाने इन्हें आगे फॉरवर्ड कर रहे हैं। इस भ्रामक कंटेंट के कारण आम जनमानस में भारी भय और दहशत का माहौल बन गया है।
बेकसूर हो रहे भीड़ की हिंसा का शिकार
हैरानी की बात यह है कि जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में अब तक बच्चा चोरी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यह पूरी तरह से एक कोरी अफवाह है। परंतु, इस डिजिटल झूठ का जमीनी असर बेहद खौफनाक है। गांवों और कस्बों में किसी भी अनजान, विक्षिप्त या गरीब व्यक्ति को देखकर भीड़ उग्र हो रही है और कई बेकसूर लोग ‘मॉब लिंचिंग’ (भीड़ की हिंसा) का शिकार हो रहे हैं। सोशल मीडिया की यह अफवाह अब कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है।
साइबर सुरक्षा और पुलिस की तकनीकी निगरानी की सख्त जरूरत :-
पुलिस को तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का भी स्पष्ट मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी अफवाहें समाज के लिए बड़ा खतरा हैं। जो असामाजिक तत्व चंद लाइक्स और व्यूज के लिए इस तरह का भ्रामक कंटेंट इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स में फैला रहे हैं, उन पर तत्काल ‘डिजिटल स्ट्राइक’ होनी चाहिए। ऐसे यूजर्स की आईपी एड्रेस (IP Address) और लोकेशन ट्रेस कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करना समय की सबसे बड़ी मांग है।
प्रशासन से की गई ये प्रमुख मांगें:
चिन्हित अकाउंट्स पर FIR: भ्रामक वीडियो फैलाने वाले उक्त इंस्टाग्राम अकाउंट्स के संचालकों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत तत्काल मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
अकाउंट्स हों ब्लॉक:
साइबर सेल के माध्यम से ऐसे सभी भ्रामक पेजों और व्हाट्सएप ग्रुप्स को तुरंत ब्लॉक किया जाए।
भीड़ पर भी हो कार्रवाई: अफवाहों में आकर कानून हाथ में लेने और बेकसूरों से मारपीट करने वालों पर भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हो।
आम जनता से अपील:
‘हाल-ए-हलचल’ आम जनता से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी वीडियो या मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि आपके क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है, तो खुद कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस के डायल 112 पर सूचना दें। अफवाहों से बचें और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।