“माँ, मैं जा रहा हूँ… भगवान की सेवा करने…पत्र पीछे छोड़कर गायब हो गया 13 साल का छात्र
13 साल के बालक का हाथ से लिखा भावनात्मक पत्र मिला — परिजन व्याकुल, FIR दर्ज
अनिल तिवारी, शहडोल
शहडोल जिले के थाना सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बाणगंगा में एक ऐसा भावनात्मक और रहस्यमय मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। यहाँ रहने वाला 13 वर्षीय धीरेंद्र प्रजापति अचानक रात में घर से गायब हो गया। घर में उसकी बिस्तर के पास एक चिट्ठी मिली, जिसे पढ़कर हर किसी का कलेजा काँप उठता है।
पत्र में बालक ने अपनी मासूम परंतु विचित्र भावना व्यक्त करते हुए लिखा है— “माँ, मैं जा रहा हूँ घर छोड़कर भगवान की तपस्या करने। माँ-पापा, भाई-बहन अपना ख्याल रखना, मैं ठीक हूँ।”
जो कुछ शब्दों में लिखी यह चिट्ठी है, उसने परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी है। माँ इस पत्र को बार-बार पढ़ती हैं और फिर फफककर रो पड़ती हैं। पिता धर्मेंद्र प्रजापति के हाथ काँप रहे हैं। किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर इस छोटी-सी उम्र में बच्चे के मन में भगवान की सेवा करने का विचार कैसे आ गया और कैसे वह रात के अँधेरे में घर छोड़कर निकल पड़ा।
रात 12 से 1 बजे के बीच घर छोड़ा
परिजनों ने बताया कि धीरेंद्र सोने के बाद अचानक रात 12 से 1 बजे के बीच उठकर घर से निकल गया। किसी ने आवाज तक नहीं सुनी। सुबह जब उसकी चारपाई खाली मिली, तो सभी घबरा गए। खोजबीन के दौरान उसका यह पत्र बिस्तर के पास मिला, परिजन पूरे इलाके में भटकते रहे, रिश्तेदारों को फोन किए, आसपास के गांवों में बच्चे का पता लगाया पर कहीं कुछ नहीं मिला। अंततः थक-हारकर पिता ने थाना सोहागपुर जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।


सोहागपुर थाना में FIR दर्ज, पुलिस ने शुरू की तलाश
थाना सोहागपुर में धीरेंद्र की गुमशुदगी की FIR क्रमांक 0457/2025 दर्ज की गई है, FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज की गई, जो संदिग्ध परिस्थिति में व्यक्ति के लापता होने से संबंधित है, FIR में पिता धर्मेंद्र प्रजापति ने बताया कि उनका बेटा ग्राम कोटमा, बाणगंगा, थाना सोहागपुर का निवासी है और पढ़ाई करता है। घटना की सूचना सुबह 10:50 बजे पुलिस को दी गई। जांच की जिम्मेदारी ASI जवाहर लाल राय को सौंपी गई है। थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर दी गई है।
धार्मिक झुकाव या किसी का प्रभाव?
13 साल के मासूम के इस तरह पत्र लिखकर चले जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार का कहना है कि धीरेंद्र धार्मिक प्रवृत्ति का था, भजन सुनता था, मंदिर जाता था, लेकिन इतना बड़ा कदम उठाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी व्यक्ति, वीडियो या सोशल मीडिया कंटेंट ने तो बच्चे को प्रभावित नहीं किया।
इतनी कम उम्र में भगवान की “सेवा” और “तपस्या” के लिए घर छोड़ना सामान्य घटना नहीं मानी जा रही।
सोशल मीडिया पर पोस्ट — “जो भी देखे, सूचना दे”
बालक की फोटो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। पिता धर्मेंद्र प्रजापति ने पोस्ट डालते हुए लिखा “मेरा बालक धीरेंद्र रात में घर से चला गया है। जो भी सूचना मिले, कृपया संपर्क करें।” परिजन हर आने-जाने वाले से पूछताछ कर रहे हैं। लोग अपने स्तर पर बच्चे की तलाश में जुट गए हैं।

आसपास के थाना क्षेत्रों को सतर्क कर सूचना प्रसारित करते हुए सोहागपुर पुलिस का कहना है कि बच्चे का जल्द पता लगाया जाएगा, यह मामला अब केवल एक गुमशुदगी का नहीं, बल्कि समाज में बदलते मानसिक और धार्मिक प्रभावों पर भी सवाल खड़े कर रहा है,पूरे क्षेत्र में दुआएँ की जा रही हैं कि धीरेंद्र सुरक्षित घर लौट आए।
(रिपोर्टिंग: अनिल तिवारी, शहडोल)