भौतिक चिकित्सकों की मांगों पर सांसद सक्रिय, स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
(संजीव दुबे)भोपाल।भौतिक चिकित्सक कल्याण संघ ने सोमवार को सांसद विष्णुदत्त शर्मा को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में भौतिक चिकित्सकों के अधिकार, स्वतंत्र अभ्यास और परिषद गठन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराया। संघ की प्रमुख मांगों पर चर्चा के बाद सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने तत्काल पहल करते हुए उप-मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को पत्र लिखकर इन प्रावधानों को शीघ्र लागू कराने का आग्रह किया।
फिजियोथेरेपिस्ट को केंद्रीय कानून में ‘भौतिक चिकित्सक’ का दर्जा
संघ ने बताया कि भारत सरकार के NCAHP एक्ट 2021 की धारा 2(j) में फिजियोथेरेपिस्ट को “भौतिक चिकित्सक” माना गया है। वहीं धारा 2(r) व ISCO Code-2264 के तहत उन्हें स्वतंत्र रूप से रोग निदान, मूल्यांकन और उपचार करने का विधिक अधिकार प्राप्त है।
विधानसभा में भी सरकार ने मानी चिकित्सक की मान्यता
पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा पूछे गए प्रश्न क्रमांक 1149 के उत्तर में स्वास्थ्य विभाग ने 13 मार्च 2025 को स्पष्ट कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट विधि मान्य चिकित्सक हैं।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख व्रत्ति नियम 2024 के नियम 3(k) के तहत वैध डिग्रीधारी फिजियोथेरेपिस्ट को प्रदेश में स्वतंत्र रूप से अभ्यास करने का अधिकार भी बताया गया है।

राज्य सरकार ने गठित की एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल काउंसिल
मध्यप्रदेश सरकार ने 24 फरवरी 2024 को कैबिनेट में स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल काउंसिल के गठन को मंजूरी दी थी। 14 मार्च 2024 को जारी गजट नोटिफिकेशन में इस एक्ट को प्रदेश में लागू कर दिया गया। संघ का कहना है कि अब अगला चरण इन प्रावधानों की वास्तविक क्रियान्विति है।
फिजियोथेरेपी शिक्षा में बड़े बदलाव
नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने फिजियोथेरेपी शिक्षा में महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। 24 अप्रैल 2025 से बीपीटी कोर्स की अवधि बढ़ाकर चार वर्ष की थ्योरी और एक वर्ष की इंटर्नशिप कर दी गई है।
साथ ही बीपीटी में प्रवेश अब NEET के माध्यम से ही होगा, जिसे सत्र 2026-27 से अनिवार्य किया गया है।
1 जुलाई 2025 को भारत सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए “पैरामेडिकल” शब्द के उपयोग को गैर-कानूनी घोषित कर दिया।इसके बाद 2 सितंबर 2025 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने NCAHP एक्ट के तहत 10 प्रोफेशनल काउंसिल का गठन करते हुए देशभर में Allied & Healthcare प्रोफेशन की संरचना और नियमन को नई दिशा दी।
भौतिक चिकित्सकों की पहचान मजबूत करने की जरूरत-डॉ. पाण्डेय
भौतिक चिकित्सक कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ. सुनील पाण्डेय (एमपीटी–ऑर्थोपेडिक) ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के हालिया निर्णय भौतिक चिकित्सकों के अधिकार और पहचान को मजबूत करने वाले हैं। सांसद विष्णुदत्त शर्मा द्वारा तत्काल समर्थन और मंत्री राजेन्द्र शुक्ल को भेजा गया पत्र पूरे समुदाय के लिए उत्साहजनक है।
संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द नियम लागू कर प्रदेश में भौतिक चिकित्सकों को स्पष्ट पहचान, पेशागत सुरक्षा और स्वायत्त अधिकार उपलब्ध कराएगी।