नई सड़कें, नेशनल हाइवे, रेलवे लाइन खसरे में दर्ज किए जाए
संतोष कुमार केवट
अमरकंटक, कोतमा, बिजुरी अनूपपुर के खसरों को देखने की जरूरत
अनूपपुर। कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर ने जिले के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को हिदायत दी है कि अपने कार्य क्षेत्र के नगरपालिका क्षेत्रों की आवासीय भूमि एवं कृषि योग्य भूमि का जायजा ले लें। जो भूमि कृषि के रूप में उपयोग नहीं हो रही, उसका ऑनलाइन डायवर्सन कर दें। आपने कहा कि अनुविभागीय अधिकारी कृषि भूमि के दायरे के बाहर भूमि का डायवर्सन कर सकते हैं। कलेक्टर ने ये हिदायत यहां सम्पन्न हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में दी। बैठक में अपर कलेक्टर सरोधन सिंह एवं जिला पंजीयक गोवर्धन प्रसाद, समेत जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद, मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं उप पंजीयक उपस्थित थे। बैठक में अचल सम्पत्तियों के मूल्य निर्धारण के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कागजों पर जमीनी हकीकत दिखनी चाहिए। आपने कहा कि यह जवाबदारी भू-धारक की नहीं, बल्कि अनुविभागीय अधिकारियों की है कि वह जो भूमि कृषि योग्य नहीं है, उसका डायवर्सन करें। आपने निर्देशित किया कि जितनी भी आवासीय भूमि है, उसका डायवर्सन किया जाए। कलेक्टर ने नई सड़कें, नेषनल हाईवे, रेलवे लाइन आदि खसरे में दर्ज करने के अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेक्टर ने अमरकंटक, कोतमा, बिजुरी, अनूपपुर का पुनरावलोकन करने की जरूरत जताई और कहा कि क्षेत्रों में स्थित अचल सम्पत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से मूल्य निर्धारण किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जहां भी मुख्य निर्माण कार्य होते हैं वहां का क्षेत्र विकसित हो जाता है और उस क्षेत्र की जमीन का बाजार मूल्य भी बढ़ जाता है। बैठक में जिले में क्षेत्रों के हिसाब से अचल सम्पत्तियों के नए मूल्यों का निर्धारण प्रस्तावित किया गया।