हनुमान जयंती पर दक्षिणमुखी बड़े हनुमान मंदिर बनेगा भक्ति, शक्ति और चमत्कार का दिव्य केंद्र,तीन दिवसीय भव्य प्राकट्य महोत्सव का भव्य आयोजन

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हनुमान जयंती पर दक्षिणमुखी बड़े हनुमान मंदिर बनेगा भक्ति, शक्ति और चमत्कार का दिव्य केंद्र,तीन दिवसीय भव्य प्राकट्य महोत्सव का भव्य आयोजन
कटनी।। धर्म, आस्था और भक्ति की अलौकिक ऊर्जा से सराबोर होने जा रहा है शहर, जब पावन अवसर हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में श्री श्री 1008 सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर, कमानिया गेट में भव्य हनुमान प्राकट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है, बल्कि शहरवासियों की गहरी आस्था और एकता का भी परिचायक बनेगा।
इस पावन महोत्सव के अंतर्गत 1 अप्रैल 2026 को विशाल वाहन रैली के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जिसमें भक्तगण जय श्रीराम और बजरंगबली की जय के जयकारों से पूरे नगर को भक्तिमय बना देंगे। इसके पश्चात 2 अप्रैल को प्रातःकालीन प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मंदिर प्रांगण पहुंचेगी, जहां सामूहिक रूप से भगवान की आराधना की जाएगी।
इसी दिन सायं 8:30 बजे भव्य सात महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें हजारों दीपों की ज्योति से वातावरण दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठेगा।
भगवान की आराधना के साथ भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जबलपुर एवं छत्तीसगढ़ से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक अपनी मधुर वाणी से भक्तों को भावविभोर करेंगे।आयोजन मे भक्ति रस की धारा बहेगी और श्रद्धालु भावविभोर होकर प्रभु श्री हनुमान के गुणगान में लीन हो जाएंगे। महोत्सव का समापन 3 अप्रैल 2026 को विशाल भंडारे के साथ होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि श्री श्री 1008 सिद्धपीठ दक्षिणमुखी बड़े हनुमान जी मंदिर, कमानिया गेट कटनी अपनी दिव्यता और चमत्कारी मान्यताओं के लिए पूरे क्षेत्र में विख्यात है। यहाँ विराजित दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमा को अत्यंत शक्तिशाली और सिद्धपीठ माना जाता है, जहां श्रद्धा से की गई प्रार्थनाएं शीघ्र फलदायी होती हैं। मंदिर परिसर में सदैव भक्तों का तांता लगा रहता है और प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को विशेष पूजन-अर्चन का आयोजन होता है। मंदिर समिति द्वारा समस्त श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य आयोजन को सफल बनाएं और प्रभु की कृपा के सहभागी बनें। यह महोत्सव न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, एकता और संस्कारों को सुदृढ़ करने का एक पावन अवसर भी है।

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