एक ही नारा, एक ही नाम जय श्रीराम रामनवमी पर भक्ति में डूबा शहर, निकली भव्य शोभायात्रा
एक ही नारा, एक ही नाम जय श्रीराम रामनवमी पर भक्ति में डूबा शहर, निकली भव्य शोभायात्रा
कटनी।। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर शनिवार को पूरा शहर भक्तिरस में सराबोर नजर आया। जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों से वातावरण ऐसा गुंजायमान हुआ मानो स्वयं अयोध्या नगरी की दिव्यता कटनी नगर में उतर आई हो। श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के सहयोग से नगर में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बन गई। यह शोभायात्रा समिति द्वारा नौवें वर्ष आयोजित की गई, जिसमें शहरवासियों की अभूतपूर्व सहभागिता देखने को मिली।

शाम को घंटाघर स्थित श्रीराम मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन के पश्चात शोभायात्रा रामलीला मैदान से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं हनुमान जी की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तुत जीवंत झांकियों ने श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और धर्म की विजय के संदेश को जीवंत कर दिया।

शोभायात्रा का एक विशेष आकर्षण महिलाओं द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक खप्पर नृत्य, डांडिया एवं रास रहा, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं डीजे के स्थान पर भजन मंडलियों को प्राथमिकता देते हुए पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। शोभायात्रा घंटाघर से प्रारंभ होकर गर्ग चौराहा, हीरागंज, गोलबाजार, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, मुख्य मार्ग, सुभाष चौक, कपड़ा बाजार, सराफा बाजार, शेर चौक एवं आजाद चौक होते हुए देर रात गाटरघाट स्थित श्रीराम मंदिर पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम की आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। नगर के प्रमुख मार्गों को भगवा ध्वज-पताकाओं से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों के सामने रंगोली सजाकर दीप प्रज्वलित किए और भगवान श्रीराम का स्वागत किया। अनेक स्थानों पर सामाजिक संगठनों द्वारा प्रसाद वितरण एवं जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे सेवा भाव की सुंदर झलक देखने को मिली। शोभायात्रा का समापन गाटरघाट स्थित श्रीराम मंदिर में भव्य महाआरती के साथ हुआ। महाआरती के समय उपस्थित श्रद्धालुओं ने एक स्वर में जय श्रीराम का उद्घोष कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। रामनवमी के इस पावन पर्व पर निकली यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और मर्यादा के संदेश को भी सशक्त रूप से प्रसारित कर गई।