बाल मधुमेह और बच्चों का स्वस्थ भविष्य विषय पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 24 मार्च 2026/बाल मधुमेह और बच्चों का स्वस्थ भविष्य विषय पर जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन प्रशिक्षक, ब्लॉक समन्वयक तथा एसपीएस सहित कुल 152 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को टाइप-1 डायबिटीज के प्रभाव, लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयानुकूल उपचार एवं समग्र प्रबंधन के संबंध में तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान टाइप-1 डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, परामर्श (काउंसलिंग) एवं रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियाँ, मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग का महत्व तथा समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा विकसित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश्वर शर्मा ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक कदम बताया। प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ की टीम द्वारा स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के समन्वित प्रयासों से आयोजित इस प्रशिक्षण में सभी प्रतिभागियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही, जो निकट भविष्य में बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।