जिले के 84 उपार्जन केन्द्रों में 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू दलाल-बिचौलियों पर कड़ी निगरानी, 5 नए केंद्रों का प्रस्ताव — स्व-सहायता समूह चलाएंगे

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जिले के 84 उपार्जन केन्द्रों में 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू
दलाल-बिचौलियों पर कड़ी निगरानी, 5 नए केंद्रों का प्रस्ताव — स्व-सहायता समूह चलाएंगे
कटनी।। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के पंजीकृत कृषकों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 1 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक की जाएगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले में 84 उपार्जन केन्द्रों को निर्धारित करते हुए इनके सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। जिला उपार्जन समिति की अनुशंसा पर 5 नए खरीदी केन्द्रों के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिनका संचालन स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा।
कलेक्टर श्री तिवारी ने सर्वेयर, उपार्जन केन्द्र प्रभारियों, समिति प्रबंधकों और ऑपरेटर्स के प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि किसान की उपज का दाना-दाना खरीदा जाए, लेकिन बाहरी धान की आवक और दलालों-बिचौलियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके लिए राजस्व, खाद्य और कृषि उपज मंडी विभाग की संयुक्त टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।
समर्थन मूल्य और समय-सारणी खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उपार्जन कार्य सोमवार से शुक्रवार, प्रातः 8 बजे से सायं 8 बजे तक होगा। किसान की उपज हेतु तौल पर्ची सायं 6 बजे तक जारी की जाएगी। यदि किसी कारण तय दिन में तौल न हो सके तो शनिवार को की जाएगी। उपार्जन केन्द्रों पर केवल फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) धान की ही खरीदी की जाएगी। नॉन-एफएक्यू धान को रिजेक्ट कर किसान को अपग्रेड करने की समझाइश दी जाएगी और अमान्य उत्पाद का नमूना संरक्षित रखा जाएगा। गुणवत्ता सर्वेयर एप में सर्वेयर व प्रभारी का नाम-मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
धान की भरती 40 किलो बारदाना वजन के मानक में होगी। सभी बोरे 18×18 इंच के नीले रंग के स्टेंसिल से अंकित किए जाएंगे और प्राथमिकता के आधार पर विद्युत मशीन से डबल सिलाई की जाएगी।
ई-उपार्जन और स्लॉट बुकिंग
कृषक http://mpeuparjan.nic.in पर जाकर अपनी उपज विक्रय हेतु स्लॉट बुक कर सकेंगे, जिसकी वैधता 7 कार्य दिवस होगी। यह स्लॉट उपार्जन के अंतिम 10 दिनों को छोड़कर उपलब्ध रहेगा। खरीदी के समय कृषक, नॉमिनी और प्रभारी तीनों के आधार ई-केवाईसी के बाद ही खरीदी देयक जारी किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्रभारी केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एवं फोटोग्राफ्स भारत सरकार के पोर्टल PCS­AP.IN पर अपलोड करेंगे। कलेक्टर श्री तिवारी ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपार्जन केन्द्रों पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए धान विक्रय में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दें और दैनिक प्रगति रिपोर्ट खाद्य शाखा को भेजें। यहां का प्रशासनिक तंत्र इस बार खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी तत्परता से सक्रिय है।

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