शहडोल में पटवारी की जन आक्रोश रैली, मंत्रियों के इस्तीफे से लेकर खनन और पानी के मुद्दे तक सरकार पर साधा निशाना
शहडोल।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर शहडोल पहुंचे, जहां उन्होंने जन आक्रोश रैली निकालकर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। रैली में उन्होंने तीन मंत्रियों के इस्तीफे, पेयजल संकट, खनन माफिया, प्रशासनिक रवैये और हालिया घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा और चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अगली बार आंदोलन उग्र रूप लेगा।सुबह से ही राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। भाजपा के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर नाबालिग छात्र के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे थे। हालांकि दिनभर के कार्यक्रम में किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनी और पटवारी रैली तथा ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन को नसीहत देकर लौट गए।
तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग
रैली को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और तीन मंत्रियों पर गंभीर आरोप हैं, इसलिए उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो 16 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस यह मुद्दा उठाएगी।

एक गिलास शुद्ध पानी मांगा, बदले में लाठियां मिलीं
पटवारी ने 8 फरवरी को मुख्यमंत्री के शहडोल दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सिर्फ शुद्ध पानी की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें लाठियां मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से भाजपा के विधायक-सांसद होने के बावजूद जनता को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासन और पुलिस पर हिस्सेदारी के आरोप
जयस्तंभ चौक की सभा में पटवारी ने पत्रकारों से कहा कि जिले में रेत और खनिज माफिया का बोलबाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर-एसपी से लेकर टीआई तक की हिस्सेदारी की चर्चा आम है और यहां की रेत बनारस तक जा रही है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस लड़ाई को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी मीडिया की है।
कोल माफिया प्रकरण पर उठाए सवाल
पटवारी ने हाल ही में वन विभाग के रेंजर पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में खनन माफिया का असर इतना बढ़ गया है कि महिला डीएफओ को भी पुलिस से सहयोग नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस माफियाओं के पक्ष में काम कर रही है।
अच्छा हिंदू बनाते हैं, कट्टर नहीं
अपने संबोधन में पटवारी ने वैचारिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस अच्छा हिंदू बनाने का काम करती है, जबकि भाजपा कट्टर हिंदू बनाने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि कट्टरता से समाज का विकास नहीं हो सकता।
नाबालिग छात्र को नजरबंद करने का खुलासा
रैली के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने मंच से खुलासा किया कि जिस नाबालिग छात्र की परीक्षा छूटने का मामला सामने आया था, उसे प्रशासनिक दबाव के कारण कांग्रेस ने नजरबंद कर रखा था, ताकि वह प्रदेश अध्यक्ष से मिल सके। मंच पर पटवारी ने तीनों छात्रों का माला पहनाकर स्वागत भी किया।
अधिकारियों को मंच पर बुलाने की कोशिश
जयस्तंभ चौक की सभा में पटवारी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मंच पर बुलाकर वहीं ज्ञापन लेने की अपील की। जिला अध्यक्ष ने फोन पर अधिकारियों से संपर्क भी किया, लेकिन वे मंच पर नहीं पहुंचे। इसके बाद पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्टर नहीं मिले, चबूतरे पर खड़े रहे पटवारी
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कलेक्टर के भोपाल में बैठक में होने की जानकारी मिली। वहां एसपी रामजी श्रीवास्तव, एडीएम सरोधन सिंह, जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर की अनुपस्थिति से नाराज पटवारी अफसरों के पास नहीं गए और लगभग दस मीटर दूर एक चबूतरे पर खड़े होकर अपनी बात रखी।
उन्होंने एसपी से माइक की मांग की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने व्यवस्था से इनकार कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने खुद माइक की व्यवस्था की। पटवारी ने वहीं से कलेक्टर पर निशाना साधा और बाद में विधायकों तथा जिला अध्यक्ष के माध्यम से ज्ञापन दिलवाया।
अंत में दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
दिनभर के कार्यक्रम के बाद पटवारी ने कहा कि यह जन आक्रोश रैली सिर्फ चेतावनी है। यदि शहडोल की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो अगली बार आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
राजनीतिक तौर पर यह दौरा अहम रहा। जहां भाजपा ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस ने रैली के जरिए सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। अब नजरें आगामी बजट सत्र पर हैं, जहां इन मुद्दों पर सियासी टकराव तेज होने की संभावना है।