दूषित पानी से मौतों पर सियासत गरमाई, कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने ‘घंटा’ बयान के विरोध में विधायक निवास का घेराव, दो घंटे तक तनाव, पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
दूषित पानी से मौतों पर सियासत गरमाई, कांग्रेस–भाजपा आमने-सामने
‘घंटा’ बयान के विरोध में विधायक निवास का घेराव, दो घंटे तक तनाव, पुलिस को करना पड़ा हल्का बल प्रयोग
कटनी।। इंदौर में नगर निगम की दूषित जलापूर्ति से हुईं 16 मौतों को लेकर प्रदेश की राजनीति उबाल पर है। इसी कड़ी में रविवार को कटनी में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखा आमना-सामना देखने को मिला। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल के निवास का घेराव किया, जहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से जमकर नोकझोंक, नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। हालात करीब दो घंटे तक तनावपूर्ण बने रहे, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को हटाना पड़ा।
रविवार दोपहर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला, महिला जिलाध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस महासचिव दिव्यांशु मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता विधायक निवास पहुंचे। कार्यकर्ता अपने साथ ‘घंटे’ लेकर आए थे और सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इसी दौरान माहौल तब और गरमा गया जब विधायक निवास पर भाजपा की ओर से बड़े साउंड सिस्टम लगाए गए और कांग्रेस की नारेबाजी के जवाब में तेज आवाज में आरती और धार्मिक भजन बजाए जाने लगे।
एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और घंटों की आवाज, तो दूसरी ओर भाजपा समर्थकों के भजन इस टकराव के बीच दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमित शुक्ला ने आरोप लगाया कि वे इंदौर की घटना पर शांतिपूर्ण चर्चा के लिए पहुंचे थे, लेकिन विधायक ने संवाद के बजाय लाउडस्पीकर चलाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।

भ्रष्टाचार छिपाने को राम नाम का सहारा– कांग्रेस
युवा कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इंदौर में लोग दूषित पानी पीकर मर रहे हैं और भाजपा भ्रष्टाचार छिपाने के लिए धार्मिक आडंबर कर रही है। उन्होंने कटनी की सीवर लाइन और जल व्यवस्था में भी विधायक व महापौर पर मिलीभगत और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए।
भाजपा का पलटवार: बिना सूचना पहुंचे कांग्रेसी
पूरे मामले पर विधायक संदीप जायसवाल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि ‘घंटा’ मंदिर और भक्ति से जुड़ी वस्तु है, उसे सड़क पर बजाना अनुचित है। विधायक के अनुसार, जब उन्हें जानकारी मिली कि कांग्रेसी घंटा लेकर आ रहे हैं, तो उन्होंने भगवान श्रीराम की तस्वीर रखी ताकि उसे उचित स्थान पर बजाया जा सके। जल व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि प्रशासन अलर्ट है और समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। हंगामे के दौरान कोतवाली सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। तहसीलदार के अनुसार कांग्रेस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सूचना दी थी, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।
‘घंटा’ शब्द बना सियासी चिंगारी
इंदौर जल त्रासदी को लेकर एक मंत्री द्वारा कथित रूप से “घंटा” शब्द के प्रयोग के बाद यह विवाद और भड़क गया है। कांग्रेस ने इसे असंवेदनशील और शर्मनाक बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की है, जबकि भाजपा का कहना है कि बयान को तोड़-मरोड़ कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। दूषित पानी से मौतों और बयानबाजी को लेकर अब प्रदेश की राजनीति आमने-सामने आ चुकी है, और कटनी की यह घटना साफ संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज़ होने वाला है।प्रयोग ने प्रदेश की राजनीति में आग लगा दी है। कांग्रेस ने इसे मृतकों का अपमान बताते हुए सार्वजनिक माफी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक स्टंट बता रही है। दूषित पानी से मौतें अब सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं रहीं यह मुद्दा प्रदेश की सियासत का सबसे बड़ा टकराव बन चुका है।