कोरोना संक्रमण को लेकर भयभीत रेलवे के गैंगमैन @ विभाग नहीं करवा रहा कोविड-19 की जांच
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शहडोल। रविवार को शहडोल रेलवे में पदस्थ गैंगमैन की कोविड-19 की चपेट में आने से मौत हो गई, 24 मार्च को लगे लॉकडाउन के बीते चार से पांच महीनों के दौरान शहडोल जिले में यह पहला मामला सामने आया, जिसमें कोरोना संक्रमित मरीज मौत तक पहुंचा हो, रविवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीम ने मिलकर कोरोना की जांच पॉजिटिव आने के बाद कथित रेलवे कर्मचारी का शव अपने निगरानी में दाह संस्कार करवाया ।
रेलवे कर्मचारी की बीते दिनों कोरोना की चपेट में आने से मौत हुई है, उक्त रेलवे कर्मचारी शहडोल के डीटीएम-7 में पदस्थ था ,ज्ञात हो कि यहां शहडोल पर डीटीएम-7 और डीटीएम-8 नामक दो खंडों में रेलवे के गैंग मैनों की टोलियां हुई है, आमतौर पर यह दोनों ही टोलियां एक साथ काम करती हैं और यदि ठेकेदार को या विभाग को आवश्यकता पड़ती है, तो बाहर से भी मजदूरों को उनके साथ काम पर लगाता है।

रेलवे प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि बीते सप्ताह या 10 दिनों से मृतक की हालत खराब थी, वह अस्थमा या अन्य बीमारियों से पीड़ित था, इस कारण उसकी ड्यूटी अकेले लगाई जाती थी, वही साथ में काम कर रहे हैं गैंगमैन ने बताया कि 12 अगस्त को उक्त कोरोना संक्रमित मरीज के साथ अन्य दर्जनों गैंग मैंने ड्यूटी की थी, रेलवे के अधिकारी क्यों झूठ बोल रहे हैं,यह तो वही जाने लेकिन आज सोमवार को जब उन्होंने रेलवे प्रबंधन के अधिकारियों से अपनी जांच कराने की बात कही और प्रबंधन ने इससे इंकार कर दिया तो सब ने काम पर जाने से मना कर दिया।
सम्भवतः उन्होंने रेलवे प्रबंधन के अधिकारियों से अपनी जांच कराने की बात कही और प्रबंधन ने इससे इंकार कर दिया, तो सब ने काम पर जाने से मना कर दिया, हालांकि कार्यवाही के डर से कोई भी मीडिया के समक्ष आकर अपना बयान देने की हिम्मत नहीं जुटा सका लेकिन काम के समय पर रेलवे के गैंग का बेकार बैठना इस बात की ओर इंगित कर रहा था कि कहीं ना कहीं एक तरफ उन्हें कोरोना संक्रमण का भय सता रहा है और दूसरी तरफ रेलवे प्रबंधन से कार्यवाही का डर भी उन्हें लगा हुआ है।

इधर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे ने उक्त रेलवे कर्मी के पुरानी बस्ती रेलवे कॉलोनी स्थित आवास को तो कंटेनमेंट जोन बनाकर सील कर दिया है ,लेकिन जिस कार्यालय में पदस्थ था डीटीएम-7 नामक वह कक्ष जहां पर रोज अन्य साथी गैंगमैन ओं के साथ आया जाया करता था और ड्यूटी चालू करता था, उसे अभी तक सील नहीं किया गया, एक बात यह भी सामने आई कि बीते दिनों चांदपुर ग्राम के दर्जनों मजदूरों को इन्हीं गैंगमैनों के साथ काम पर लगाया गया था और बीते दिनों चांदपुर ग्राम के आस पास के शायद दो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव भी आए हैं, इस संदर्भ में भी प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि रविवार की दोपहर तक शहडोल मेडिकल कॉलेज में कोरोना के जीवित पॉजिटिव मरीजों की संख्या 133 पहुंच चुकी थी और 10 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनकी हालत भी ठीक नहीं बताई गई है,बहरहाल जिला प्रशासन, स्वास्थ्य अमला और रेलवे प्रशासन को इस संदर्भ में ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे गैंगमैन और उनके परिवार सहित शहर के आम जनों की जीवन को भी बचाया जा सके।