सोशल मीडिया पर फैल रही गैस और पेट्रोल की कमी की अफवाहें भ्रामक – कलेक्टर
(अनिल तिवारी)
शहडोल। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर सोशल मीडिया पर देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कमी होने तथा कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इन खबरों को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति भी बन रही है। वहीं कुछ राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
इन परिस्थितियों को देखते हुए शहडोल जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से जारी अपने बयान में कहा है कि जिले में रसोई गैस, पेट्रोल या अन्य किसी भी पेट्रोलियम पदार्थ की किसी प्रकार की कमी नहीं है।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बताया कि शहडोल जिले में वर्तमान में 21 गैस एजेंसियां और लगभग 70 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा इन सभी गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों का 100 प्रतिशत निरीक्षण एवं सत्यापन कराया गया है। जांच के दौरान कहीं भी गैस या पेट्रोलियम पदार्थों की कमी जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में आवश्यकतानुसार गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और भविष्य में भी आपूर्ति बाधित होने की कोई संभावना नहीं है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग बिना सत्यापन के भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
कलेक्टर ने कहा कि इस तरह की अफवाहों के कारण लोग अनावश्यक रूप से गैस या ईंधन का अतिरिक्त भंडारण करने लगते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति बनती है और इससे कालाबाजारी को बढ़ावा मिल सकता है। इसलिए नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
डॉ. केदार सिंह ने जिलेवासियों से आग्रह किया कि यदि किसी क्षेत्र में गैस सिलेंडर या पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या महसूस होती है, तो वे संबंधित गैस एजेंसी संचालक, पेट्रोल पंप संचालक या स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करें। आवश्यकता होने पर नागरिक सीधे जिला प्रशासन को भी जानकारी दे सकते हैं।
जिला प्रशासन ने आम जनता से यह भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट और भ्रामक खबरों को न तो तवज्जो दें और न ही उन्हें आगे साझा करें। प्रशासन ने कहा कि जनहित में केवल अधिकृत और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा किया जाए, ताकि जिले में शांति और व्यवस्था बनी रहे।