पेयजल व्यवस्था को लेकर शहडोल नगर पालिका अलर्ट, अध्यक्ष ने दिए निर्देश
नपा अध्यक्ष के नेतृत्व में जलस्रोतों, टंकियों और पाइपलाइनों की सघन जांच
शहडोल।इंदौर में पेयजल सप्लाई से जुड़ी दर्दनाक घटना, जिसमें 12 से अधिक बच्चों की मौत हुई, ने पूरे प्रदेश को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस त्रासदी को गंभीर चेतावनी मानते हुए नगर पालिका प्रशासन ने पेयजल सुरक्षा को लेकर कड़ा पहरा लगा दिया है। संभावित खतरों को रोकने के लिए शहरभर में जलस्रोतों, पाइपलाइनों और पावर सप्लाई पॉइंट्स का गहन निरीक्षण शुरू कर दिया गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल के नेतृत्व में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अक्षत बुंदेला, पार्षदों तथा जलप्रदाय विभाग की संयुक्त टीम ने पानी टंकियों, उनसे जुड़ी पाइपलाइनों और विद्युत आपूर्ति स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी रूप से संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि कहीं भी पेयजल पाइपलाइन दूषित जल या अन्य असुरक्षित स्रोतों के संपर्क में न हो। जहां संभावित जोखिम पाए गए, वहां तत्काल सुधार और आवश्यक मरम्मत के निर्देश जारी किए गए। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने कहा, इंदौर की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। हम मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। शहडोल में ऐसी किसी भी दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नागरिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी पानी के रंग, गंध या स्वाद में बदलाव, या पाइपलाइन में लीकेज जैसी कोई भी असामान्य स्थिति दिखाई दे, तो तुरंत नगर पालिका को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी अक्षत बुंदेला ने बताया कि जल आपूर्ति से जुड़े सभी संसाधनों की नियमित जांच की जा रही है और मानक प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी सुधार और मरम्मत कार्य तत्काल कराए जाएंगे।