गर्मी से पहले पानी पर कड़ा कंट्रोल महापौर का एक्शन मोड ऑन जल आपूर्ति में नहीं होगी लापरवाही प्लांट से पाइपलाइन तक जांच तेज
गर्मी से पहले पानी पर कड़ा कंट्रोल महापौर का एक्शन मोड ऑन जल आपूर्ति में नहीं होगी लापरवाही प्लांट से पाइपलाइन तक जांच तेज
कटनी।। जैसे-जैसे ग्रीष्म ऋतु नजदीक आ रही है, शहर में जल संकट की आशंका को देखते हुए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने जल व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए न केवल समीक्षा बैठक की, बल्कि खुद मैदान में उतरकर जल संयंत्रों और बैराज का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान अमकुही स्थित 20 एमएलडी और सुरम्य पार्क के पास 9 एमएलडी जल शोधन संयंत्रों की बारीकी से जांच की गई। महापौर ने फिल्ट्रेशन, ब्लीचिंग डोजिंग सिस्टम, मशीनों की कार्यप्रणाली और पानी शुद्धिकरण की पूरी प्रक्रिया को समझते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महापौर ने संयंत्रों में उपलब्ध रसायनों और उपकरणों के स्टॉक रजिस्टर की जांच करते हुए निर्देश दिए कि आवश्यक सामग्री की कोई कमी न हो, ताकि जल शुद्धिकरण प्रक्रिया लगातार और बिना बाधा चलती रहे।
समीक्षा बैठक में बैराज की स्थिति, टैंकरों से जल आपूर्ति, ट्यूबवेल, पानी सप्लाई का समय, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, पानी की गुणवत्ता जांच और नए कनेक्शन जैसे सभी अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही अमृत योजना-2 के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति भी परखी गई।
ग्रीष्मकाल के लिए विशेष तैयारी के निर्देश
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी में बढ़ने वाली जल मांग को देखते हुए अभी से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। नियमित मॉनिटरिंग, मशीनों का रखरखाव और फिल्टर प्लांट्स की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।
महापौर ने साफ कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निगम प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी में जल संकट से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी की जा रही है।