बाल संरक्षण और योजनाओं पर सख्ती: आसरा बाल गृह का निरीक्षण, अधिकारियों को मिशन मोड में काम के निर्देश
बाल संरक्षण और योजनाओं पर सख्ती: आसरा बाल गृह का निरीक्षण, अधिकारियों को मिशन मोड में काम के निर्देश
कटनी।। जिले में बाल संरक्षण व्यवस्थाओं और महिला एवं बाल विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए शनिवार को सघन निरीक्षण और समीक्षा का दौर चला। संभागायुक्त जबलपुर धनंजय सिंह के निर्देशानुसार संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास, जबलपुर उषा सिंह सोलंकी ने कटनी प्रवास के दौरान आसरा बाल गृह का निरीक्षण किया और विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रतिभा पाण्डेय की मौजूदगी में बाल गृह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान बाल गृह में 35 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई। संयुक्त संचालक ने बच्चों की शिक्षा, देखभाल और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने और उनके बेहतर पुनर्वास के लिए ठोस प्रयास करने पर जोर दिया। इस दौरान प्री-एडॉप्शन से वापस आए बालक शिवा के मामले को भी गंभीरता से लेते हुए उसके शीघ्र और प्रभावी पुनर्वास के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि उसे सुरक्षित और स्थायी वातावरण मिल सके। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई, उनमें शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए परियोजना अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को भी साझा किया, जिन पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके व्यावहारिक समाधान सुझाए गए। संयुक्त संचालक उषा सिंह सोलंकी ने सभी अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने, समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त करने और योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।