सुरेश सिंह ने उठाई आवाज,5 वर्षों से डॉक्टर विहीन है बिजौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
(जय प्रकाश शर्मा)ग्रामीणों ने की शीघ्र नियुक्ति की मांग, कहा झोलाछापों से छुटकारा जरूरी
मानपुर। विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बिजौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विगत 5 वर्षों से डॉक्टर विहीन है। यह स्वास्थ्य केंद्र लगभग 10 से 15 गाँवों की आबादी के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन आज तक यहाँ स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की नई-नई योजनाएँ तो बन रही हैं, लेकिन बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा अब भी सिर्फ कागज़ों तक सीमित है।
वर्तमान में यह केंद्र केवल एक एएनएम और वार्ड बॉय के भरोसे संचालित हो रहा है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इससे कई बार गंभीर परिस्थितियाँ उत्पन्न हो चुकी हैं।
भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं समाजसेवी सुरेश सिंह ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बीते समय में इसी क्षेत्र के एक परिवार के चार-पाँच सदस्य गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यदि यहाँ डॉक्टर नियुक्त होता तो यह त्रासदी टल सकती थी।

इसी कड़ी में सुरेश सिंह ने कहा कि केंद्र में सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि टेक्नीशियन, एक्स-रे मशीन और अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से ग्रामीणों को झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और अनावश्यक आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने उमरिया जिले के कलेक्टर धर्णेन्द्र कुमार जैन एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी से मांग की है कि बिजौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से खाली पड़े पदों की शीघ्र पूर्ति की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।