2026 का बजट जनता नहीं, कॉरपोरेट के लिए: दिव्यांशु मिश्रा अंशु युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव ने बजट को बताया निराशाजनक, कहा—यह जनहित नहीं, विशेष हितों का दस्तावेज़
2026 का बजट जनता नहीं, कॉरपोरेट के लिए: दिव्यांशु मिश्रा अंशु
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव ने बजट को बताया निराशाजनक, कहा—यह जनहित नहीं, विशेष हितों का दस्तावेज़
कटनी।। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत 2026 के बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा है कि यह बजट देश की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने वाला और आम जनता को भ्रमित करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे मूलभूत मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया है।
दिव्यांशु मिश्रा ने कहा कि देश आज बेरोज़गारी, आय-असमानता और कृषि संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इन पर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ़ शीर्ष धनाढ्य और कॉरपोरेट वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जबकि आम नागरिकों को इससे कोई वास्तविक राहत नहीं मिलती।
उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा इस बार का बजट खाली झुनझुने की तरह है, जिसमें न आवाज़ है और न असर। किसान पूरी तरह गायब, यह चूक नहीं राजनीतिक घोषणा
युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव ने कहा कि 2026 का बजट एक खतरनाक संदेश देता है कि गाँव, किसान और खेती अब सरकार की प्राथमिकताओं से बाहर हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि यह पहला ऐसा बजट है जिसमें किसान का नाम तक नहीं लिया गया—
न सिंचाई, न खाद, न खेती, और न ही खेतिहर मज़दूरों के लिए कोई ठोस प्रावधान।
दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसे बुनियादी क्षेत्रों की अनदेखी कर मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि यह बजट जनहित का नहीं बल्कि विशेष हितों का बजट है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा यह चूक नहीं, बल्कि एक राजनीतिक घोषणा है।