प्रकाश पर्व पर ‘84 दंगा’ का जिक्र- सिख समाज पर की गई अपमानजनक टिप्पणी से आक्रोश, चमनलाल आनंद को माफी की मांग; खालसा दीवान में विवाद गहराया, कार्रवाई की गुहार

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प्रकाश पर्व पर ‘84 दंगा’ का जिक्र- सिख समाज पर की गई अपमानजनक टिप्पणी से आक्रोश, चमनलाल आनंद को माफी की मांग; खालसा दीवान में विवाद गहराया, कार्रवाई की गुहार
कटनी।। गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व जैसे पवित्र अवसर पर गुरुद्वारा खालसा दीवान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में उत्पन्न विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सिख समाज के प्रति की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी ने समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, कटनी ने इस पूरे प्रकरण को सिख मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए पुलिस प्रशासन व ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रबंधन को विस्तृत शिकायतें सौंपी हैं।
दिनांक 16 नवंबर को आयोजित प्रकाश पर्व समारोह में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के पदाधिकारी भी मौजूद थे। सभा के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान खालसा दीवान के संचालक इंद्रजीत सिंह विर्दी व उनके पुत्र दारा सिंह विर्दी द्वारा सिख मर्यादा के विपरीत गतिविधियाँ की जा रही थीं। जब सचिव तेजपाल सिंह भाटिया एवं अन्य पदाधिकारियों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई तो वहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सभा का आरोप है कि विवाद को आगे बढ़ाते हुए चमनलाल आनंद एवं अन्य व्यक्तियों ने न केवल आपत्तिजनक व्यवहार किया बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधकों को रोकने और डराने–धमकाने का प्रयास भी किया।

दोबारा 84 चाहिए?—समुदाय की भावनाओं को झकझोर देने वाली टिप्पणी
सबसे गंभीर आरोप चमनलाल आनंद पर है। शिकायत के अनुसार, उन्होंने सिख समाज को लक्ष्य करते हुए कथित रूप से कहा कि तुम सरदार 84 का दंगा भूल गए क्या? क्या तुम लोग दोबारा वही चाहते हो?
सिख समाज ने इसे अत्यंत उकसाने वाला, अपमानजनक और साम्प्रदायिक टिप्पणी बताया है। सभा का कहना है कि ऐसी भाषा न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है, बल्कि समाजिक सौहार्द और शांति के लिए भी खतरा उत्पन्न करती है। सभा पदाधिकारियों का यह भी आरोप है कि पूरा विवाद पूर्व नियोजित था। दारा विर्दी द्वारा 14 नवंबर को स्वयं सतवीर सिंह भाटिया को फोन कर कार्यक्रम में बुलाए जाने का हवाला भी दिया गया है। साथ ही कहा गया कि शिकायत में जिन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, वे घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं थे। सभा ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि सभी आरोप लगाने वालों के मोबाइल लोकेशन की जांच कर सत्यता स्पष्ट की जाए।
धार्मिक स्थल पर अवैध गतिविधियों के आरोप भी उजागर हो। सभा ने संचालक दारा विर्दी पर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है। आरोप है कि गुरुद्वारा भवन के लिए आवंटित कमरों को किराए पर दिया जा रहा है तथा परिसर में आंगनबाड़ी चल रही है, जो फैक्ट्री नियमों और धर्मस्थल उपयोग निर्देशों का उल्लंघन है। इस संबंध में फैक्ट्री प्रबंधन को भी लिखित शिकायत सौंपी जा चुकी है।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा ने 19 व 25 नवंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अलग–अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें अभद्र व्यवहार, धमकी, अवरोध उत्पन्न करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप शामिल हैं। सभा ने आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सभा ने समुदाय की एकजुट भावना के साथ तीन प्रमुख माँगें रखी हैं कि चमनलाल आनंद गुरुद्वारा पहुँचकर गुरु साहिब के चरणों में सार्वजनिक माफीनामा प्रस्तुत करें।
सिख मर्यादा के विपरीत कार्य करने वाले दारा विर्दी को तत्काल गुरुद्वारा संचालन से हटाया जाए।
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रशासन द्वारा की जाने वाली किसी भी जांच में पूरी सहायता का भरोसा दिया गया है। समाज में बढ़ते तनाव और धार्मिक स्थल पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने सिख समाज को विचलित किया है। अब समुदाय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है, ताकि पवित्र गुरुद्वारा परिसर की मर्यादा और समाज में शांति दोनों सुरक्षित रह सकें। इस दौरान तेजपाल सिंह भाटिया, संतोष सिंह भट्टी, सोनू खुराना, सतवीर सिंह भाटिया, त्रिलोचन सिंह वृद्धि, मंगलजीत सिंह भट्टी, रविंद्र सिंह ओसहन, शानू मलंग, अवतार सिंह टुटेजा, अमरजीत सिंह ग्रोवर, महेंद्र सिंह, मनदीप सिंह टुटेजा, मनप्रीत सिंह गेदु सहित अन्य की उपस्थिति रही।

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