भाजपा के नपा अध्यक्ष समेत भाजपा के वर्तमान-पूर्व मंडल अध्यक्ष दोषी, मारपीट-धमकी प्रकरण में अदालत ने सुनाई सजा
(सतीश तिवारी)
शहडोल/ब्यौहारी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, ब्यौहारी (जिला शहडोल) की अदालत ने बहुचर्चित आपराधिक प्रकरण क्रमांक 105/2019 में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन उर्फ श्रीकृष्ण गुप्ता, वर्तमान मंडल अध्यक्ष मोनू उर्फ विनय गुप्ता, पूर्व मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश उर्फ पिंकू सोनी तथा कारोबारी मनोज ताम्रकार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। निर्णय दिनांक 29 जनवरी 2026 को घोषित किया गया। मामला मारपीट, अश्लील गाली-गलौज, चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी से जुड़ा है।

न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार घटना 30 अक्टूबर 2017 को सुबह लगभग 11 बजे ब्यौहारी थाना क्षेत्र में डबला गुप्ता की दुकान के सामने घटित हुई थी। अभियोजन कथा के मुताबिक फरियादी राजेंद्र सिंह उर्फ अल्लू अपने घर से बस स्टैंड की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में चारों आरोपियों ने उसे रोक लिया। चुनावी रंजिश को लेकर विवाद हुआ और आरोपियों द्वारा मां-बहन की अश्लील गालियां दी गईं। इसके बाद हाथ-मुक्कों और नाखून से मारपीट की गई तथा जमीन पर गिराकर हमला किया गया। घटना के दौरान फरियादी के गले की सोने की चेन गिरने का भी उल्लेख केस डायरी में दर्ज है।
प्रकरण में थाना ब्यौहारी में अपराध क्रमांक 773/2017 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धाराएं 294, 323, 324, 506 एवं 34 के तहत मामला कायम किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने फरियादी का चिकित्सीय परीक्षण कराया, जिसमें आंख, गर्दन, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें पाई गईं। मेडिकल अधिकारी की रिपोर्ट में चोटों को कठोर एवं नुकीली वस्तु/नाखून से पहुंची साधारण चोट की श्रेणी में बताया गया। पुलिस ने घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए।
न्यायालय के समक्ष फरियादी, प्रत्यक्षदर्शी गवाह, चिकित्सक और विवेचना अधिकारी सहित कई साक्षियों के बयान दर्ज हुए। दस्तावेजी साक्ष्य जैसे एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट, स्थल नक्शा और केस डायरी प्रस्तुत की गई। आदेश में उल्लेख है कि गवाहों के कथन आपस में संगत पाए गए और जिरह के दौरान भी अभियोजन की मूल कहानी कमजोर नहीं हुई। न्यायालय ने माना कि सार्वजनिक स्थान के समीप अश्लील गाली-गलौज और मारपीट होना प्रमाणित हुआ।
अभिलेखों के अनुसार विचारण के दौरान कुछ आरोपियों और फरियादी के बीच राजीनामा भी प्रस्तुत किया गया था। जिन धाराओं में कानूनन समझौता संभव था, वहां उसे दर्ज किया गया, जबकि शेष गैर-समझौतायोग्य धाराओं में न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि दर्ज की।
सजा के संबंध में न्यायालय का आदेश:
अदालत ने चारों आरोपियों को संबंधित धाराओं में दोषी पाते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। आदेश के अनुसार दोषियों को अधिकतम छह माह तक के कारावास तथा जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।
दोषसिद्ध व्यक्तियों में
राजन गुप्ता — वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष, ब्यौहारी
मोनू गुप्ता — वर्तमान मंडल अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
ओमप्रकाश उर्फ पिंकू सोनी — पूर्व मंडल अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
मनोज ताम्रकार — स्थानीय कारोबारी
अदालत के इस फैसले के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार दोषियों के पास उच्च अदालत में अपील का विकल्प उपलब्ध रहेगा, लेकिन फिलहाल ट्रायल कोर्ट के निर्णय ने मामले को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है।