मढ़िया धाम में श्रद्धा-भक्ति के संग गूंजा माता का जयकारा, देवमाता दुर्गा मैया का 20वां वर्षगांठ पर्व भव्य रूप से संपन्न
(जय प्रकाश शर्मा)मानपुर। नगर के हृदय स्थल मढ़िया धाम में विराजमान जगत जननी देवमाता दुर्गा मैया का शुभ वर्षगांठ पर्व एवं भव्य दुर्गा मंदिर का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी 19 जनवरी को श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया। आयोजन के दौरान मढ़िया धाम में दिनभर भक्तों की भीड़ उमड़ती रही और पूरा क्षेत्र माता के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष ओपी द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भव्य दुर्गा मंदिर की आधारशिला वर्ष 1995 में नगरवासियों के सहयोग से मंदिर निर्माण समिति द्वारा रखी गई थी। नगर के श्रद्धालुओं के दान एवं सहयोग से वर्ष 2005 में मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। इसके पश्चात 19 जनवरी 2006 को जयपुर से लाई गई संगमरमर की अत्यंत सुंदर, विशाल एवं आकर्षक प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। तभी से प्रत्येक वर्ष मढ़िया समिति एवं प्रबंध समिति द्वारा नगरवासियों के सहयोग से देवमाता दुर्गा मैया का वर्षगांठ पर्व भव्यता एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
20वें वर्षगांठ पर्व के पावन अवसर पर नगर की उत्साही महिलाओं एवं विभिन्न महिला रामायण कमेटियों द्वारा श्रीरामचरितमानस का संगीतमय पाठ किया गया। साथ ही भजन-कीर्तन, नृत्य एवं भक्ति गीतों का आयोजन दिनभर चलता रहा, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा। सायंकाल माता रानी की भव्य महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मिष्ठान भोग प्रसाद प्राप्त किया।

नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी श्री राकेश राय द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मिष्ठान वितरण कराया गया तथा सपरिवार पूजा-अर्चना कर माता रानी का आशीर्वाद लिया। वहीं समिति के युवा सदस्यों विजेंद्र गुप्ता ‘बिज्जू’, गोलू सोनी सहित अन्य युवाओं द्वारा खीर भोग प्रसाद का वितरण कर श्रद्धालुओं की सेवा की गई।
मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विद्याचरण शुक्ल ने बताया कि मढ़िया धाम में विराजमान माता रानी के दर्शन मात्र से ही भक्तों के दुख-दर्द दूर होते हैं और उन्हें चमत्कारिक आशीर्वाद की अनुभूति होती है, जिससे उनके संपूर्ण मनोरथ पूर्ण होते हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में पं. रामदरश द्विवेदी, नरेंद्र पयासी, रामस्वारथ कुशवाहा, नसीर अंसारी, प्रभुदयाल तिवारी, मोतीलाल कुशवाहा, अनिरुद्ध द्विवेदी, राहुल शुक्ला, सुरेंद्र मिश्रा, गुड्डा बर्मन, कृष्णा कुशवाहा, शिब्बू बर्मन, जेडी गुप्ता, सुमित सोनी, छोटे बर्मन, अजीत बर्मन, कृष्ण शर्मा, त्रिवेणी शरण द्विवेदी सहित समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।