महापौर की जनसुनवाई में उठा आवासीय योजना क्रमांक–15 का मामला सायना हिल्स जमीन घोटाले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल पांडे की गंभीर शिकायत

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महापौर की जनसुनवाई में उठा आवासीय योजना क्रमांक–15 का मामला
सायना हिल्स जमीन घोटाले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल पांडे की गंभीर शिकायत
कटनी।। नगर पालिक निगम में आयोजित महापौर जनसुनवाई के दौरान आवासीय योजना क्रमांक–15 सायना हिल्स से जुड़ा कथित जमीन घोटाले का गंभीर मामला सामने आया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल पांडे ने महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि नगर सुधार न्यास वर्तमान में नगर पालिक निगम द्वारा आम जनता के लिए विकसित की गई महत्वाकांक्षी आवासीय योजना क्रमांक–15 की अधिग्रहित भूमि को सुनियोजित तरीके से खुर्द-बुर्द किया गया है।
कमल पांडे ने आरोप लगाया कि विधायक संजय पाठक ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए नगर पालिक निगम एवं राजस्व विभाग के कथित भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ साठ-गांठ कर योजना क्रमांक–15 की संपूर्ण अधिग्रहित भूमि को अपनी पारिवारिक कंपनियों एवं परिजनों के नाम पर क्रय करा लिया। यह पूरी प्रक्रिया षड्यंत्रपूर्वक और कानून के विरुद्ध की गई।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता ने जानकारी दी कि वर्ष 1987 में तत्कालीन नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष स्वर्गीय सत्येन्द्र पाठक द्वारा आम जनता को रियायती दरों पर आवासीय भू-खंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दुगाड़ी नाला के पास, होटल अरिंदम के सामने स्थित ग्राम झिंझरी एवं ग्राम अमकुही की भूमियों का विधिवत अधिग्रहण कर आवासीय योजना क्रमांक–15 का सृजन किया गया था। इस योजना के अंतर्गत नगर की आम जनता के लिए कुल 311 भू-खंड प्रस्तावित किए गए थे। योजना के लिए ग्राम अमकुही के खसरा नंबर 285/1, 286/1,2,3 से 7.039 हेक्टेयर तथा ग्राम झिंझरी के खसरा नंबर 823/1 परिवर्तित खसरा नंबर 292 से 1.214 हेक्टेयर भूमि, कुल 8.253 हेक्टेयर लगभग 20.50 एकड़ भूमि अनिवार्य भू-अर्जन के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसके एवज में कुल 11.42 लाख रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया, जिसमें से लगभग 4.98 लाख रुपये का भुगतान वर्ष 1991-92 में तत्कालीन भू-स्वामियों को किया जा चुका था।
कार्रवाई न होने का आरोप
कमल पांडे ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर वे तीन बार—दिनांक 29 सितंबर 2025, 10 नवंबर 2025 एवं 16 दिसंबर 2025—नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार के समक्ष लिखित शिकायत दस्तावेजों सहित प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि 11 दिसंबर 2025 को सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, परंतु वहां से भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नाले से छेड़छाड़ और अतिरिक्त कब्जे का आरोप
शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया कि विधायक संजय पाठक ने हल्का पटवारी से मिलीभगत कर ग्राम झिंझरी एवं ग्राम अमकुही के मध्य स्थित सरहदी नाले की दिशा और स्थिति में अवैध रूप से परिवर्तन कराया। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-7 से लगभग 135-140 मीटर दूर स्थित नाले को जेसीबी मशीनों से खुदवाकर करीब 60 मीटर दक्षिण दिशा में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद मूल नाले को भरवा दिया गया, जिससे ग्राम झिंझरी की लगभग 6 एकड़ भूमि का रकबा गैर-कानूनी रूप से बढ़ गया, जो वर्तमान में विधायक के कथित कब्जे में है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस छेड़छाड़ के कारण विधायक की पारिवारिक कंपनियों के नाम पर खरीदी गई भूमि का रकबा 5.635 एकड़ से बढ़कर लगभग 11 एकड़ हो गया। इतना ही नहीं, कुल मिलाकर लगभग 41 एकड़ भूमि के क्रय के बावजूद मौके पर लगभग 55 एकड़ भूमि पर 20-20 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे औद्योगिक केंद्र विकास निगम की सरकारी भूमि एवं नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक-2 की भूमि पर भी अतिक्रमण होने का आरोप है।
महापौर का आश्वासन, आंदोलन की चेतावनी
महापौर जनसुनवाई में शिकायत प्रस्तुत किए जाने पर महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने मामले में न्यायोचित और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं शिकायतकर्ता कमल पांडे ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र जनहित में ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुनः माननीय न्यायालय की शरण लेंगे और जनआंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। नगर की बहुचर्चित आवासीय योजना से जुड़ा यह मामला अब जनसुनवाई के माध्यम से एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।

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