नतीजों से पहले ही लिखी थी संगठन को चिट्ठी

0

(शुभम तिवारी @ 7879308359)
शहडोल। धनपुरी नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 से भाजपा प्रत्याशी रहे शैलेन्द्र सराफ ने 20 जुलाई को नतीजे आने से पहले ही 16 जुलाई को जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट उल्लेख किया कि नगरीय निकाय चुनाव धनपुरी में वार्ड नंबर 2 में भाजपा के प्रत्याशी के विरूद्ध पार्टी के हलचल ही बड़े नेता प्रचार करने आये थे, लिखे गये पत्र में यह स्पष्ट किया गया कि अधिकृत प्रत्याशी को हराने के लिए तथा भाजपा की बागी प्रत्याशी श्रीमती विनीता जायसवाल के समर्थन में न सिर्फ खुलकर प्रचार किया गया, बल्कि लाखों रूपये खर्च भी किये गये।
भले ही यह चिट्ठी संगठन के मुखिया ने संगठन की साख बचाने और संबंधों के फेर में दबा दी, लेकिन यह चिट्ठी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, संभाग प्रभारी हरीशंकर खटीक, जिला प्रभारी पीतांबर टोपनानी और क्षेत्रीय विधायक मनीषा सिंह को भी भेजी, शैलेन्द्र सराफ द्वारा लिखी गई चिट्ठी और लगाये गये आरोपों पर चार दिये बाद आये नतीजों ने सच्चाई की मोहर लगा दी, भले ही शैलेन्द्र राजनीति के नये खिलाड़ी हैं, लेकिन भाजपा की टिकट और पार्षद के चुनावों ने उसे इस काबिल तो बना दिया कि वह अपने और पराये की पहचान कर सके।
इस पत्र में शैलेन्द्र सराफ ने भाजपा के पांच दिग्गजों के नाम उल्लेखित करते हुए उन पर पार्टी और संगठन के खिलाफ काम करने के आरोप लगाये हैं, शैलेन्द्र का यह भी दावा है कि हलचल उसके पास इन आरोपों के साक्ष्य भी मौजूद हैं। उसने पत्र में पांचों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की मांग भी की है, उसने यह भी कहा कि पार्टी को यह साफ करना चाहिए कि नये नेता या युवा सामने आएं या नहीं। यही नहीं एक व्यक्ति, एक पद यदि स्पष्ट है तो, सत्ता में बैठे लोग संगठन और संगठन में बैठे लोगों को सत्ता से दूर रह कर दो पदों की लोलुप्ता छोड़ देनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed