31 मार्च डेडलाइन STP ट्रायल में देरी बर्दाश्त नहीं सीवर से सड़क तक सुधार की कवायद तेज, नागरिकों को मिलेगी राहत धूल, जाम और देरी पर सख्त एक्शन, मैदान में उतरी निगमायुक्त
31 मार्च डेडलाइन STP ट्रायल में देरी बर्दाश्त नहीं
सीवर से सड़क तक सुधार की कवायद तेज, नागरिकों को मिलेगी राहत
धूल, जाम और देरी पर सख्त एक्शन, मैदान में उतरी निगमायुक्त
कटनी।। शहर की स्वच्छता, वायु गुणवत्ता और नागरिकों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए नगर निगम अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने माधवनगर स्थित 7.50 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) सहित शहर में चल रहे सीवर लाइन विस्तार और सड़क रेस्टोरेशन कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने साफ निर्देश दिए कि माधवनगर STP का ट्रायल रन हर हाल में 31 मार्च तक शुरू किया जाए। प्लांट के अंतिम चरण में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने एसबीआर, पीटीयू, एमपीएस और सीसीटी सिस्टम की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और शेष कार्यों को तेज गति से पूरा करने को कहा। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर प्लांट क्षेत्र का सीमांकन कराने के भी निर्देश दिए गए।
झिंझरी क्षेत्र में सीवर मेन ट्रंक लाइन के धीमी गति से चल रहे कार्य और उससे प्रभावित हो रही वायु गुणवत्ता पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताई। संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि: अतिरिक्त मशीनरी और श्रमिक लगाए जाएं एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए
सड़क खुदाई के बाद तुरंत बनें मोटरेबल रोड
बरगवां के डन कॉलोनी मोड़ से कटाएघाट मोड़ तक पाइपलाइन विस्तार के बाद सड़क की स्थिति पर भी निगमायुक्त ने चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
आम नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए मोटरेबल सड़क जल्द तैयार की जाए। औद्योगिक क्षेत्र में रेस्टोरेशन कार्य तीन दिन में शुरू हो,बारिश से पहले सभी प्रमुख मार्गों को दुरुस्त किया जाए,निर्माण कार्यों के दौरान लगातार पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए, ताकि धूल और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। निगमायुक्त ने साफ चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
31 मार्च के बाद शहर में सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद,सड़कों की स्थिति जल्द सुधरने से आवागमन आसान होगा,निर्माण कार्यों के कारण हो रही धूल और परेशानी में कमी आएगी। कुल मिलाकर, नगर निगम अब विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों पर फोकस करते हुए नागरिकों को राहत देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।