राजस्व वसूली में ढिलाई पर निगमायुक्त का सख्त रुख, कम प्रगति वाले दलों को चेतावनी 31 मार्च तक छूट का लाभ दिलाने तेज करें अभियान, बड़े बकायेदारों पर फोकस के निर्देश
राजस्व वसूली में ढिलाई पर निगमायुक्त का सख्त रुख, कम प्रगति वाले दलों को चेतावनी
31 मार्च तक छूट का लाभ दिलाने तेज करें अभियान, बड़े बकायेदारों पर फोकस के निर्देश
कटनी।। नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने राजस्व वसूली कार्य में सुस्ती पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि शासन द्वारा दी जा रही छूट के बावजूद लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार सुबह आयोजित राजस्व वसूली समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च तक लागू छूट योजना का अधिकतम लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए अभियान को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि बकाया करों का समय पर भुगतान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और वर्तमान छूट योजना उनके लिए एक सुनहरा अवसर है।
बैठक में राजस्व अधिकारी जागेश्वर प्रसाद पाठक, सहायक राजस्व अधिकारी सागर नायक सहित राजस्व अमला और जल प्रदाय शाखा के कर्मचारी उपस्थित रहे। निगमायुक्त ने निर्देशित किया कि अधिकारी स्वयं टीम के साथ फील्ड में उतरकर बड़े बकायेदारों से संपर्क करें और उन्हें समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित करें।
समीक्षा के दौरान कम वसूली पाए जाने पर वसूलीकर्ता शैलेष कुंडे, सचिन मिश्रा, शुभम प्यासी, दीपक रैकवार और महेश पटेल पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं राजस्व निरीक्षक विनोद सिंह चौहान के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
निगमायुक्त ने वसूली अमले को निर्देश दिए कि शेष बकायेदारों से डोर-टू-डोर संपर्क कर वसूली सुनिश्चित करें। बड़े बकायेदारों द्वारा भुगतान नहीं करने की स्थिति में कुर्की, वारंट, तालाबंदी और नल कनेक्शन विच्छेदन जैसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके साथ ही नागरिकों को ई-नगरपालिका ऐप और शासन की चैटबॉट सेवा के माध्यम से घर बैठे कर भुगतान की सुविधा और छूट की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।
जलकर वसूली में भी कम प्रगति पर निगमायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अमले को निर्देश दिए कि प्रत्येक बकायेदार से संपर्क कर छूट योजना की जानकारी दें और वसूली में तेजी लाएं। बैठक के अंत में निगमायुक्त ने कहा कि 31 मार्च तक ही छूट का अवसर उपलब्ध है, ऐसे में शेष दिनों में पूरी ईमानदारी और मेहनत से कार्य कर अधिकतम वसूली सुनिश्चित की जाए, ताकि नगर विकास को गति मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे समय रहते बकाया कर जमा कर छूट का लाभ उठाएं।