राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव और पुस्तक मेले का समापन समापन कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार कटनी।
राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव और पुस्तक मेले का समापन
समापन कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार
कटनी। साहित्य महोत्सव और पुस्तक मेले के पांचवे दिन रविवार को समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्य महोत्सव के समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक सरदार अजीत सिंह नैयर, विशिष्ट अतिथि के रूप में राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के कुलगुरू इंद्रप्रकाश त्रिपाठी , मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रांत के प्रांत कार्यवाह उत्तम बैनर्जी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कटनी-खजुराहो लोकसभा सांसद वीडी शर्मा द्वारा की गई। कार्यक्रम में विश्ष्टि अतिथि के रूप में डॉक्टर अमित साहू और कार्यक्रम संयोजक पारस जैन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रभात प्रकाशन की पुस्तक पञ्च परिवर्तन का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।
देश को सुखी करना है तो परिवार को सुखी करना होगा- प्रांत कार्यवाह
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाकौशल प्रांत के प्रांत कार्यवाह श्रीमान उत्तम बैनर्जी ने कहा कि भारत का समाज परिवर्तिन होने के लिए खड़ा है, उसमें आशा है कि परिवर्तन कौन कर सकता है, वो सोचते हैं कि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के लोग आएंगे और पूरे देश में परिवर्तन कर देंगे। मोदी जी पर आश लगाए हुए हैं। परिवर्तन मोदी जी से नहीं होने वाला, यह परिवर्तन हमारे सांसद जी से भी नहीं होने वाला। यह परिवर्तन सामने बैठा हुआ जो समाज है उसको यह परिवर्तन करना है। उन्होने कहा कि हमारे यहां की देश के समाज की पहली ईकाई हमारा परिवार है, हमारे यहां व्यक्ति ईकाई नहीं है ये ध्यान रखिएगा, व्यक्ति ईकाई पश्चिम के देशों में होता है, उस देश के ईकाई को सुखी करने के लिए धन चाहिए, धन कैसे भी कमाना है। भारत की संस्कृति में ईकाई परिवार है, देश को सुखी करना है तो परिवार को सुखी करना है, परिवार सुखी तभी होगा, जब परिवार में सब के अंदर समन्वय होगा। संपत्ति के लिए झगड़े नहीं होंगे। आपस में भाई चारा होगा।
हमारी संख्या अधिक होनी चाहिए- अजीत सिंह नैयर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक सरदार अजीत सिंह नैयर ने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा, तो सब सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मेंं बंग्लादेश में हिंदुओं का दमन किया जा रहा है। सनातन धर्म की रक्षा के लिए सक्षम बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा आपसे यही आग्रह है कि हमारी संख्या अधिक होना बहुत जरूरी है। उन्होने चार बच्चे पैदा करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि पहला अधिकार हमारा है, क्योंकि दुनिया में सबसे पहले सनातन आए हैं।
बच्चों को स्वाध्याय के प्रति करें प्रेरित- कुलगुरू
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए कुलगुरू इंद्रप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि हमारे उपनिष्दों में भी कहा गया है कि आचार्य देवो भव: गुरू देवो भव: की कल्पना है, लेकिन पूरे जीवन के लिए स्वाध्याय करने के लिए भी कहा गया है, तो स्वाध्याय के प्रति बच्चों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि विकसित भारत की कल्पना चल रही है। कैसे विकसित भारत बनेगा, उसमें राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की अपनी विचारधारा है। उन्होने कहा कि पञ्च परिवर्तन से विकसित भारत तैयार होगा।
पञ्च परिवर्तन पुस्तक की भूमिका अहम- सांसद
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि जब में विद्यार्थी परिषद के कार्यकाल में था, तभी से इस पुस्तक मेले की शुरूवात हुई। उन्होने कहा कि पञ्च परिवर्तन का विमोचन हुआ है। पञ्च परिवर्तन पुस्तक में भी जिन बातों का सामाजिक समरसता से लेकर आत्मनिभर भारत कैसे बनेगा। ऐसे सभी बिंदुओं के बारे में नागरिक बोध के बारे में, एक-एक व्यक्ति के बारे में हम जो कहते हैं कि मेरे कर्तव्य क्या हैं, कर्तव्य बोध क्या है इस संबंध में पञ्च परिवर्तन पुस्तक की अहम भूमिका है। कार्यक्रम का संचालन मुकेश चंदेरिया द्वारा किया गया। पुस्तक मेले के सफल आयोजन के लिए पुस्तक मेला समिति ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया है।