कटनी आउटर में इंसास राइफल की मैगज़ीन चोरी का सनसनीखेज मामला सुलझा 40 गोलियों समेत दो मैगज़ीन चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन अभी भी फरार संयुक्त टीम की कार्रवाई में बड़ी सफलता, सुरक्षा एजेंसियों ने माना गंभीर सुरक्षा खतरा
कटनी आउटर में इंसास राइफल की मैगज़ीन चोरी का सनसनीखेज मामला सुलझा
40 गोलियों समेत दो मैगज़ीन चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन अभी भी फरार
संयुक्त टीम की कार्रवाई में बड़ी सफलता, सुरक्षा एजेंसियों ने माना गंभीर सुरक्षा खतरा
कटनी।। बिहार चुनाव ड्यूटी से लौट रही सीआरपीएफ महिला जवान की इंसास राइफल की दो लोडेड मैगज़ीन चोरी होने की सनसनीखेज घटना में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जीआरपी, आरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों अजय उर्फ अजना निषाद, अजय उर्फ अज्जू निषाद और लकी निषाद निवासी आधारकाप को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गई इंसास राइफल की दो मैगज़ीन और 35 कारतूस बरामद कर लिए हैं। हालांकि अब भी पांच गोलियां और तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर सुश्री सिमाला प्रसाद के निर्देशन, एएसपी भावना मरावी, डीएसपी अंकिता सुल्या, आरपीएफ डिप्टी कमांडेंट बी.पी. कुशवाहा तथा सीएसपी नेहा पच्चिसिया कटनी के मार्गदर्शन में संचालित की गई।
कैसे हुआ था पूरा घटनाक्रम?
दिनांक 21 नवंबर 2025 की रात ट्रेन नंबर 00411 इलेक्शन ड्यूटी स्पेशल ट्रेन कटनी आउटर लमतरा-अधारकाप के बीच कुछ समय के लिए रुकी थी। इसी दौरान सीआरपीएफ महिला बटालियन की जवान अस्वार प्रतिज्ञा सुधाकर ने थाने पहुंचकर सूचना दी कि सीट पर रखा मैगज़ीन पाउच, जिसमें उनका एक मैगज़ीन, 20 गोलियां तथा साथी जवान हिरलबेन का एक मैगज़ीन और 20 गोलियां संदिग्ध रूप से चोरी हो गए। शुरुआती तलाशी में दोनों खाली मैगज़ीन झाड़ियों के पास मिले, लेकिन कुल 40 गोलियां गायब थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इंसास राइफल की 40 गोलियां किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए पर्याप्त मानी जाती हैं। इसी वजह से पुलिस इस मामले को सामान्य चोरी नहीं बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरा मान कर जांच कर रही थी। जीआरपी ने तुरंत धारा 305 सीबीएनएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया यह धारा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगाई जाती है।
संयुक्त कार्रवाई ने बदला घटनाक्रम
23 नवंबर 2025 को जीआरपी, आरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी हुए 2 मैगज़ीन, कुल 35 कारतूस, कीमत लगभग 4500 रुपये बरामद किए। बरामदगी और गिरफ्तारी की कार्रवाई में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक एल.पी. कश्यप, उनि अनिल मरावी, आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, जिला पुलिस बल के थाना रंगनाथनगर प्रभारी अरुण पाल, खिरहनी फाटक चौकी प्रभारी महेन्द्र जायसवाल और अन्य जवानों की अहम भूमिका रही।
अभी भी तीन आरोपी फरार
पुलिस का कहना है कि घटना में कुल छह आरोपी शामिल हैं, जिनमें से तीन गिरफ्तार, तीन अभी भी फरार और शेष गोलियों की बरामदगी बाकी है। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही पूरे गिरोह के पकड़ में आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
पुलिस की प्राथमिकताएं
शेष 5 गोलियों की बरामदगी,फरार आरोपियों की गिरफ्तारी,ट्रेन में सुरक्षा चूक की जांच,चोरी के पीछे मंशा की पड़ताल क्या गोलियां किसी बड़े अपराध की तैयारी के लिए थीं? इस एंगल से भी जांच की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। आउटर इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन, सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों की पहचान और तकनीकी जांच जारी है।
निष्कर्ष कटनी आउटर पर हुई यह घटना सिर्फ स्थानीय पुलिस ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बनी रही। हालांकि बड़ी राहत यह है कि चोरी गई मैगज़ीन और अधिकांश कारतूस बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन शेष गोलियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी अभी भी पुलिस के लिए चुनौती है। पुलिस का यही प्रयास है कि कोई भी कारतूस गलत हाथों में न जाए और पूरा गिरोह कानून के शिकंजे में आ जाए।