संजय की आंखो से देख रहा यातायात विभाग,छोटे वाहनों पर कार्यवाही कर हो रही कोरम पूर्ति
शहडोल। कल मुख्यमंत्री संभागीय मुख्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही रोड शो में शामिल होने आ रहे है, लेकिन जिले का यातायात अमला वरिष्ठ अधिकारियों की साख पर पानी फेरने में लगे हैं। एनएच-43 सहित चौराहों और ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी प्वाइंट्स से होते हुए व्हीकल मालिक या ड्राइवर अलग-अलग इलाकों में ट्रैफिकर्मियों से मुलाकात कर जब शहर की सीमा से बाहर निकलता है तो, उसकी जेब में चाय पीने के भी पैसे बच जाएं तो खुदकिस्मत समझिए। ऐसा नहीं कि शहर के बाहरी एरिया में धड़ल्ले से चल रही अवैध वसूली की खबर आला पुलिस अधिकारियों को नहीं। यातायात विभाग में संजय की आखों से साहब को मोटी कमाई का नशा इस कदर चढकऱ बोल रहा है कि अब वह बड़े-बड़े वाहनों का महीना बांधने के बाद ईमानदार छवि के साथ घूम रहे हैं। चर्चा है कि अवैध वसूली का पूरा कारोबार साहब संजय की आंखों से देख रहे हैं।रेत के अवैध वाहन
जिले में मानसून सीजन के अलावा ठेका समाप्त होने के चलते रेत खदान बंद है, लेकिन हर चौराहों से प्रतिदिन शहर में दर्जनों की संख्या में अवैध रेत परिवहन करते वाहन देखे जा सकते हैं, मजे की बात तो यह है कि विभाग ने तीसरी हर चौराहों पर लगा रखी है, लेकिन अवैध परिवहनकर्ता पुलिसकर्मियों सहित तीसरी आंख पर भी भारी पड़ रहे है, बीते दिनों मुखिया के निर्देश पर विद्यालय में संचालित वाहनों को विशेष चेकिंग लगाकर कार्यवाही की, लेकिन साहब को हर चौक से निकल रहे अवैध परिवहन करते वाहन नजर नहीं आ रहे हैं।
औंधे मुंह गिरी जीरो टॉलरेंस
एनएच-43 पर दौड़ रहे बल्कर सहित अन्य भारी वाहन तब तक सुरक्षित निकल सकते हैं, जब तक नजराना पहुंच रहा है। बीते माहों में बल्कर सहित अन्य बड़े वाहनों को रोकने के लिए सख्ती से मनाही हुई है, इससे सहज ही समझा जा सकता है कि हिसाब-किताब डॉयरी मेंटेन हो रही है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की नीति यातायात विभाग में औंधे मुंह गिरी हुई है, जहां एक ओर एनएच-43 पर अन्य प्रदेशों से दौड़ रहे वाहनों से अवैध वसूली की चर्चा ने अपने चरम पर है। संजय की आंखों से देख रहा यातायात विभाग जहां खुद की छवि धूमिल कर रहा है। मजे की बात तो यह है कि साहब के अवकाश पर जाने के बावजूद वसूली समय से पहुंचने के चलते मुखिया साहब के खास बने वर्दीधारी प्रभारी को भी तवज्जों देने को तैयार नहीं है।