ब्यौहारी के बुढ़वा से जनकपुर का रास्ता हुआ जानलेवा

Narad#9826550631
शहडोल। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के पहिये पहले से ही थमे हुए हैं।वही पानी टंकी के निर्माण में सड़कों को कुछ इस तरह खोद दिया गया है कि आएदिन राहगीरों का जीना मुहाल हो चुका है।इस ओर ग्रामीणों ने पंचायत के जिम्मेदारों से कई बार शिकायत की लेकिन अभी तक इस ओर पहल तो दूर अब तक अपने वरिष्ठ अधिकारी को भी बताना मुनासिब नही समझा ।वहीं इनके रैवये से पहले से ही गांव की जनता परेशान है।और अब अपनी शिकायत के लिए इस जानलेवा सड़क पर चलना मजबूरी हो गया है।
ठेकेदार की मनमानी
मामला जिले के अन्तिम छोर में बसे जनपद पंचायत ब्यौहारी के ग्राम बूढ़वा का
बुढ़वा से जनकपुर का मुख्य मार्ग कीचड़ और दलदल से सना हुआ है।इस ओर से तो भारी वाहन किसी तरह निकल जाते हैं।लेकिन फजीहत तो साइकल सहित दुपहिया वाहनों की हो जा रही है।इन दिनों इस मार्ग से निकलना किसी खतरे से कम नहीं है। दिन में तो लोग किसी तरह बच बचा कर, देख सुन कर निकल जाते हैं लेकिन रात हमेशा दुर्घटनाओं से चर्चित रहती है।
खोद कर दुर्घटनाओं के लिए छोड़ दी सड़क
ग्रामीणों का कहना है कि पहले सड़क चलने लायक रही वही जब से पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ है।तब से रोड़ की हालत बत से बत्तर हो गई है। वही पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों में कई फिट के बड़े बड़े गड्ढे खोद दिए गए हैं।और खुदी हुई मिट्टी को भी सड़क के किनारे लगा दिया गया है।जहा हलकी सी बारिश में ये सड़के जानलेवा हो जाते है इन गड्ढो का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।जिसके चलते आएदिन राहगीर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाए हैं कि यह कार्य विगत एक साल से चल रहा है।लेकिन आज तक कम्प्लीट नही हो पाया।वही ख़तरनाक गड्ढो को खोद कर किसी बड़ी घटना को जरूर आमंत्रित कर दिया है।
नही भटके आला अधिकारी
आये दिन जिला कलेक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों के लिए नए नए दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं।लेकिन ये निर्देश जिला मुख्यालय तक ही सीमित रहते हैं। ग्रामीणों तक जमीनी स्तर तक पहुचने के सारे दावे बेकार साबित हो रहे हैं। इस क्षेत्र में कलेक्टर ,एसडीएम सहित सीईओ के आने तक कि खबर नही मिल पाती है मिलती भी है तो चुप रहने या न आने की जरूरत बता दी जाती है।यदि हमारे क्षेत्र में इन अधिकारियों का आना होता तो हम इस रास्ते से साहब को जरूर चलने को कहते….ऐसा कहना हैं ग्रामीणो का लेकिन गांव की भोली भाली जनता हमेशा की तरह इस बार भी इस जानलेवा रोड पर चलने को बेबस और मजबूर हो गए है। बताया जा रहा है कि किसी भी कार्यक्रम के लिए अधिकारियों को अच्छी जगहों पर बुलाया जाता है।जिससे गांव की तकलीफे कोषों दूर हो जाती है।