देवालय की आस्था देवस्थान में चोरी, कानून ने दिखाई ताकत चार चांदी के मुकुट बरामद, आरोपी गिरफ्तार

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देवालय की आस्था देवस्थान में चोरी, कानून ने दिखाई ताकत चार चांदी के मुकुट बरामद, आरोपी गिरफ्तार
कटनी।। धार्मिक आस्था और विश्वास के प्रतीक देवालयों में हुई चोरी की घटना ने क्षेत्रवासियों को आहत कर दिया था, लेकिन ढीमरखेड़ा पुलिस की त्वरित और सटीक कार्यवाही ने न केवल इस अपराध का पर्दाफाश किया, बल्कि लोगों के मन में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी और मजबूत किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धार्मिक स्थलों में हुई मुकुट चोरी की गुत्थी सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है।
19 जनवरी 2026 को थाना ढीमरखेड़ा पुलिस को सूचना मिली कि चौकी सिलोंडी अंतर्गत ग्राम सिलोंडी स्थित धर्मपुरा हनुमान कुटी एवं कस्बे के एक निजी मंदिर से अज्ञात आरोपी द्वारा भगवान हनुमान जी तथा श्रीराम-लक्ष्मण जी के कुल चार चांदी के मुकुट चोरी कर लिए गए हैं। लगभग 30 तोला वजनी इन मुकुटों की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई। मामले में थाना ढीमरखेड़ा में अपराध क्रमांक 38/26 एवं 39/26 धारा 331(3), 305A बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी द्वारा चौकी प्रभारी सिलोंडी उप निरीक्षक अनिल पांडे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध गतिविधियों एवं मुखबिर तंत्र के माध्यम से सतत निगरानी रखी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की वारदात में संलिप्त एक युवक क्षेत्र में घूम रहा है। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने मंदिरों से मुकुट चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर चोरी गए चारों चांदी के मुकुट बरामद कर लिए गए। आरोपी की पहचान निखिल सेन पिता विजय सेन, उम्र 19 वर्ष, निवासी सिलोंडी, थाना ढीमरखेड़ा के रूप में हुई है।
आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। प्रकरण की विवेचना अभी जारी है। धार्मिक स्थल पर हुई चोरी का खुलासा होने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और पुलिस की कार्यवाही की सराहना की। लोगों का कहना है कि देवालय केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास के प्रतीक भी होते हैं, और ऐसे मामलों में त्वरित न्याय समाज में सकारात्मक संदेश देता है।

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