…तो दरी और झण्डा ही उठाते रहेंगे संगठन के कार्यकर्ता
(शुभम तिवारी+7879308359)
शहडोल। आगामी वर्ष में विधानसभा चुनाव होने हैं, बहुत ही कम अंतर से भाजपा से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंची कांग्रेस नेता की पुत्री श्रीमती मनीषा सिंह भी भाजपा में संगठन के बड़े पद और सत्ता के बड़े पदों के विकेन्द्रीयकरण की जगह केन्द्रीयकरण की पक्षधर हैं। भाजपा में जिलाध्यक्ष से लेकर मण्डल अध्यक्ष तक का चुनाव हो तो वही गुट, पार्षद से लेकर अध्यक्ष तक का चुनाव हो तो वही गुट, दशको से पार्टी का झण्डा उठाने वाले और हर कार्यक्रम में दरी बिछाने से लेकर भीड़ बढ़ाने तक के लिए जिस भीड़ की आवश्यकता होती है, उनमें से यदि कोई संगठन व आमजन की सेवा कर आगे आना चाहता है, तो रसूख और बाहुबल की राजनीति उसे आगे नहीं बढऩे देती। धनपुरी में टिकट बटवारे के बाद वार्ड नंबर 2 से लेकर 8 और 11 से 21 तक के आगे के कई वार्ड इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। किस्मत से टिकटें मिलने के बाद भी भाजपा के ठेकेदारों ने ऐसी कील ठोकी की, 28 में से घटकर संख्या इकाई में सिमट गई।