जीएसटी के विभिन्न पहलुओं पर कन्या महाविद्यालय में त्रि-दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
शहडोल। शासकीय इंदिरा गांधी गृह विज्ञान कन्या महाविद्यालय में ‘जीएसटी- इट्स आस्पेक्ट एण्ड इम्पलीकेशन्स’ विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 03 मार्च से 05 मार्च तक किया गया था। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन परियोजना अंतर्गत छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गयी। इसमें 80 छात्राओं ने प्रतिभागिता की। कार्यशाला का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा नीलम ने किया। उन्होंने छात्राओं को इस कार्यशाला में जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारियां आत्मसात करने और भविष्य में कर सलाहकार के रूप में कैरियर के विकल्प हेतु छात्राओं को प्रेरित किया।कार्यशाला के मुख्य रिसोर्स पर्सन शहर के जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट सुशील कुमार सिंघल रहे। कार्यशाला के दौरान बुढार महाविद्यालय की वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री दीपा सिंह, कन्या महाविद्यालय के वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. जयकांत गुप्ता, पूर्व राज्य कर निरीक्षक प्रो. बी. के. सिंह ने भी जीएसटी के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यशाला में चार्टर्ड अकाउंटेंट सुशील कुमार सिंघल ने पूर्व की कर व्यवस्था को बताते हुए वर्तमान में जीएसटी से संबंधित कर प्रणाली के अंतर्गत जीएसटी पोर्टल, जीएसटी रजिस्ट्रेशन,आईटीसी, टैक्स स्लैब,कम्पोजिशन से संबंधित व्यावहारिक जानकारियाँदीं। उन्होंने बताया कि जीएसटी नंबर के लिए पैन होना आवश्यक है, इसके साथ ही एड्रेस प्रूफ और आईडेंटिटी प्रूफ के लिए भी दस्तावेज जरूरी हैं, जीएसटी में पांच स्लैब 0 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत रखे गए हैं, साथ ही ज्वेलरी 03 प्रतिशत के स्लैब में है। व्यापारी द्वारा प्रतिमाह एवं साल में भरे जाने वाले रिटर्न के बारे में भी छात्राओं को बताया गया। किस प्रकार आईटीसी क्लेम किया जा सकता है इसको भी समझाया गया।
सुश्री दीपा सिंह ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटशन के द्वारा प्रतिभागियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन एवं रिटर्न फायलिंग की प्रक्रिया को हैंड्स ऑन के माध्यम से समझाया। उन्होंने मेन्टेनेन्स ऑफ अकाउंट्स, ई-वे बिल, टीडीएस, रिफ़ंड आदि से सम्बद्ध जानकारियाँ भी विस्तरपूर्वक दीं। प्रो. बी. के. सिंह ने जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली से प्रतिभागियों को अवगत कराया। कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों के अभ्यास हेतु ऑनलाइन टेस्ट भी लिया गया।
कार्यशाला के समापन कार्यक्रम में सफलतापूर्वक कार्यशाला को पूर्ण करने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा नीलम ने इस सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान कीं। कार्यशाला को सफल बनाने में परामर्शदाता के रूप में डॉ. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. एन. के. श्रीवास्तव, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. सी. एम. पी. मिश्र, तकनीकी सहयोगी के रूप में डॉ. विनोद सुनार, प्रो. नन्द कुमार, प्रो. लाल सिंह बंजारा, श्रीमती शशि विश्वकर्मा, कार्यक्रम-सह-समन्वयक के रूप में मुनेश चंद्रवंशी, सुश्री वर्षिता गुप्ता, श्रीमती पुष्पा साहू की भूमिका सराहनीय रही। आयोजन समिति में डॉ. रविश तमन्ना ताजिर, प्रो. भूपेन्द्र सिंह, प्रो. रेबा अट्टा, प्रो. बी. के. सिंह शामिल रहे। कार्यशाला के आयोजक सचिव वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. जय कान्त गुप्ता रहे।