कांटी के मारूति वेयरहाउस से 5070 बोरी में 2 हजार क्विंटल अवैध धान ज़ब्त मंडी अधिनियम के तहत डेढ़ लाख से अधिक दाण्डिक शुल्क, 7 दिन में जमा कराने के निर्देश बाकल के समर्थ ट्रेडर्स में 1500 क्विंटल धान की निकासी पर 20 जनवरी तक रोक

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कांटी के मारूति वेयरहाउस से 5070 बोरी में 2 हजार क्विंटल अवैध धान ज़ब्त
मंडी अधिनियम के तहत डेढ़ लाख से अधिक दाण्डिक शुल्क, 7 दिन में जमा कराने के निर्देश
बाकल के समर्थ ट्रेडर्स में 1500 क्विंटल धान की निकासी पर 20 जनवरी तक रोक
कटनी।। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही दलाल–बिचौलिया तंत्र की कमर तोड़ने जिला प्रशासन ने पुख्ता रणनीति के साथ मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशन पर गठित संयुक्त जांच दल लगातार दबिश देकर अवैध भंडारण और परिवहन के मामलों को उजागर कर रहा है। इसी क्रम में विजयराघवगढ़ के ग्राम कांटी स्थित मारूति वेयरहाउस में 5070 बोरियों में भरा 2 हजार 28 क्विंटल धान अवैध पाए जाने पर करीब 2 लाख 49 हजार 444 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। राजस्व, कृषि, खाद्य विभाग और कृषि उपज मंडी की संयुक्त टीम ने वेयरहाउस का आकस्मिक निरीक्षण किया। मौके पर अवैध रूप से भंडारित धान की बोरियों की गिनती की गई और मौका पंचनामा तैयार कर अभिकथन लिया गया। निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस संचालक कमल साहू किसानों के आवश्यक अभिलेख बी-1 खसरा, गिरदावरी, आधार कार्ड और सिकमी पट्टा पेश नहीं कर सके। केवल पंजीयन की छायाप्रतियां ही उपलब्ध कराई गईं, जिनकी जांच में अभिलेख अधूरे पाए जाने तथा खरीदी की तिथि से पहले धान के भंडारण की पुष्टि हुई।
कलेक्टर की चेतावनी भी असर नहीं दिखा सकी
कलेक्टर तिवारी ने पहले ही सभी वेयरहाउस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि भंडारण संबंधी हर दस्तावेज़ मांगे जाने पर तुरंत उपलब्ध कराना अनिवार्य है। साथ ही यह भी कि कृषि उपज की पहचान हर स्तर पर स्पष्ट रहनी चाहिए, ताकि फर्जीवाड़ा और धान की कालाबाजारी पर रोक लग सके।
नियम उल्लंघन और अवैध भंडारण की पुष्टि होने पर मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत 5070 बोरी (प्रति बोरी 40 किलो) यानी 2,028 क्विंटल धान पर मण्डी शुल्क और दाण्डिक राशि मिलाकर कुल ₹2,49,444 की कार्यवाही की गई। राशि 7 दिन में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं, अन्यथा भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी।
बाकल में बड़ी कार्रवाई—1500 क्विंटल निकासी पर रोक
संयुक्त जांच दल ने बाकल स्थित समर्थ ट्रेडर्स के गोदाम में भी औचक निरीक्षण किया। जांच टीम को गोदाम में करीब 1500 क्विंटल धान भंडारित मिला। कलेक्टर के आदेश पर व्यापारियों द्वारा खरीदे गए धान की निकासी पर 20 जनवरी तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
निरीक्षण दल में नायब तहसीलदार आकाशदीप नामदेव, सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला, और मंडी निरीक्षक प्रशांत मौर्य एवं सुधीर त्रिपाठी शामिल रहे।प्रशासन की यह सख्ती सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि कृषकों को समर्थन मूल्य की वास्तविक सुरक्षा देने का प्रयास है। अगर वेयरहाउस और व्यापारियों की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो समर्थन मूल्य जैसे जनहितकारी प्रावधानों का लाभ कभी ज़मीन तक नहीं पहुंच पाएगा। दलाल तंत्र की परतें खुल रही हैं, और स्पष्ट है कटनी में प्रशासन नींद में नहीं, कार्रवाई मोड में है।

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