बेरोजगार युवक-युवतिया प्रशिक्षण से सवार सकते है अपना भविष्य: डॉ.डी के द्विवेदी

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आईसेक्ट सी.डी.यू.जी के वाय, शहडोल में बांटी गई निःशुल्क प्रशिक्षण किट
शहडोल।हुनर है तो कदर है, कार्य में दक्ष व्यक्ति को ही कोई भी काम आसानी से मिल सकता है। भारत सरकार ग्रामीण क्षेत्र से बेरोजगारी हटाने कृत संकल्पित है व प्रधानमंत्री का सपना कौशल-कुशल भारत की परिकल्पना को साकार की दिशा में म.प्र. शासन ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा पं दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना {DDU-GRY) के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले मध्य प्रदेश के ग्रामीण बेरोजगार युवाओं के लिए आइसेक्ट संस्था प्रशिक्षण केंद्र – शिवानी पैरामेडिकल कॉलेज शहडोल द्वारा निशुल्क रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। उक्त उद्गार म.प्र. राज्य आजीविका मिशन शहडोल के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पुष्पेन्द्र सिंह परिहार ने आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रही ग्रामीण छात्र छात्राओं के बीच प्रशिक्षण केन्द्र में निःशुल्क प्रशिक्षण किट व यूनिफार्म वितरण के दौरान व्यक्त किये।
कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रबंधक (कौशल) डा.मोनिका मिश्रा ने प्रशिक्षु छात्राओं को संबोधित करते हुये बताया कि भारत सरकार ग्रामीण युवाओं को अधिक से अधिक प्रशिक्षण उपरांत रोजगार प्रदान करने में लगी है जिससे बेरोजगार प्रशिक्षित होकर आसानी से प्रदेश व देश के बड़े संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर अपना जीवन यापन कर सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित आईसेक्ट डी.डी.यू.जी.के.वाय. शहडोल प्रशिक्षण केंद्र के प्रबंधक डॉ.डी के द्विवेदी ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण मे शहडोल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत 10वी/12वी पास बीपीएल कार्ड, मनरेगा रोजगार गारंटी कार्ड, ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित समूह का सदस्य कार्ड में से कोई एक कार्ड हो, वे इस निशुल्क प्रशिक्षण का लाभ ले सकते है। यह प्रशिक्षण केंद्र आईसेक्ट डी.डी.यू.जी.के.वाय. शहडोल प्रशिक्षण केंद्र शिवानी पैरामेडिकल कॉलेज के भवन में संचालित है।
साथ ही उन्होने बताया कि यह प्रशिक्षण पूर्णतः निशुल्क एवं आवासीय रहेगा। अर्थात प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों को संस्था द्वारा निशुल्क छात्रावास, निशुल्क भोजन, निशुल्क प्रशिक्षण सामग्री, एवं निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त होगा और प्रशिक्षण उपरांत संस्था द्वारा स्थानीय जिले से लेकर प्रदेश भर व मप्र के बाहर के राज्यों में भी रोजगार के सुनहरे अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।
पं.दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना शासन कि अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना है। जिससे वे रोजगार से जुड़कर अपना जीविकोपार्जन कर सके। इसी क्रम मे शहडोल जिले के आइसेक्ट प्रशिक्षण केंद्र शिवानी पैरामेडिकल कॉलेज के तीन प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण संचालन की अनुमति प्राप्त हुई है जिसमें पहला ट्रेड है इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर- जिसके अंतर्गत कंप्यूटर हार्डवेयर नेटवर्किंग तथा घरेलू बिजली से
चलने वाले उपकरण की रिपेयरिंग सिखायी जाएगी। दूसरा ट्रेड है- कंस्ट्रक्शन क्षेत्र जिसमे सहायक इलेक्ट्रीशियन
का कार्य सिखाया जाएगा तथा तीसरा ट्रेड है – रिटेल ट्रेनी एसोसिएट। ये तीनों ट्रेड शहडोल क्षेत्र एवं आस-पास के क्षेत्रो मे बहुतायत मात्रा में मांग में है और प्रशिक्षण प्राप्त करते ही प्रशिक्षणार्थी रोजगार से जुड़ जाएंगे। प्रशिक्षण संस्था संचालक ने शहडोल जिले के ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत बीपीएल कार्ड धारक बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे सम्मिलित हों तथा शासन की मंशानुसार अपना कौशल उन्नयन कर रोजगार के बेहतर अवसर पाएँ।