ग्रामीणों को विद्युत सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, लापरवाही पड़ सकती है भारी
ग्रामीणों को विद्युत सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, लापरवाही पड़ सकती है भारी
कटनी। विद्युत वितरण कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती विद्युत दुर्घटनाओं को देखते हुए किसानों और ग्रामीणजनों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि खेत-खलिहानों में काम के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान होने की आशंका रहती है।
कंपनी द्वारा जारी चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति विद्युत लाइनों, खंभों या उपकरणों से छेड़छाड़ न करे। ऐसा करना न केवल खतरनाक है, बल्कि विद्युत अधिनियम 2003 के तहत दंडनीय अपराध भी है।
अधिकारियों ने बताया कि आंधी-तूफान या अन्य कारणों से यदि कहीं विद्युत तार टूटकर गिर जाएं, तो उन्हें छूने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी विद्युत विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में विद्युत लाइनों के नीचे या उसके बेहद करीब फसल के ढेर, भूसे की गंजी, झोपड़ी या अस्थायी ढांचे न बनाएं। साथ ही ऊंची भरी हुई अनाज या भूसे की गाड़ियां भी लाइनों के नीचे से न निकालें, क्योंकि इससे आग लगने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों द्वारा पतंग उड़ाने के दौरान डोर का बिजली लाइनों में फंस जाना भी एक आम समस्या है। कंपनी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ऐसा करने से रोकें और किसी भी स्थिति में उन्हें खंभों पर चढ़कर पतंग निकालने न दें। विद्युत वितरण कंपनी ने अंत में कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे हादसों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। ग्रामीणजन यदि इन सावधानियों का पालन करें, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।