कोटप्पा अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है शहडोल ,उमरिया अनूपपुर के शैक्षणिक व सार्वजनिक स्थलों….

 

कोटप्पा अधिनियम का खुला उल्लंघन किया जा रहा है शहडोल ,उमरिया अनूपपुर के शैक्षणिक व सार्वजनिक स्थलों

शहडोल।प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद भी ज्यादातर स्कूलो, कॉलेजो व शैक्षणिक संस्थानों के आसपास आज भी धड़ल्ले से तम्बाखू व उसके उत्पादन बेचे जा रहे हैं। और यहा जिला प्रशासन कलेक्टर ललित दाहिमा के मार्गदर्षन में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम को संपन्न कराया जा रहा है। जिले की शैक्षणिक संस्थाओं को तम्बाकू मुक्त परिसर बनाने का सतत प्रयास जारी रहता है। लेकिन सार्थक प्रयास कुछ दिनों के लिए ही किये जाते हैं। यह कार्यक्रम संभाग के तीनों जिले में मजे से चल रहा है।
स्कूलो और कॉलेजों में हुये विभिन्न कार्यक्रम
बहरहाल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के अनुभाग क्षेत्रो में भी शैक्षणिक संस्थाओं में लगातार विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन बच्चो को तम्बाकू एवं उसके उत्पादो से होने वाली दुष्परिणामो से परिचित कराने के लिए किया जा रहा है। आज केन्द्रीय विद्यालय शहडोल में निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के प्रतियोगिता में निहारिका चतुर्वेदी कक्षा 8वीं प्रथम, स्नेहा द्विवेदी कक्षा 7वीं द्वितीय एवं विनीत कुमार कक्षा 7वीं कुमार तृतीय रहें। इसी प्रकार चित्रकला प्रतियोगिता में जिया फतिमा कक्षा 8वीं प्रथम, आदित्य सिंह कक्षा 8वीं द्वितीय तथा हार्षिता गुप्ता 6वीं तृतीय रही। कक्षा 9 वीं से 12वीं की निबंध प्रतियोगिता में चिनमई श्रीवास्तव कक्षा 12वीं प्रथम, श्रुती मिश्रा कक्षा 12वीं द्वितीय, निकिता विष्वकर्मा कक्षा 9वीं तृतीय रही। चित्रकला प्रतियोगिता में रिचा कुमारी कक्षा 12वीं प्रथम, नेहा विष्वकर्मा कक्षा 9वीं द्वितीय, देवांष मिश्रा कक्षा 9वीं तृतीय रहे। विजेताओं को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ राजेष पाण्डेय, डाॅ मुकुन्द चतुर्वेदी, जिला नोड़ल अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण डाॅ पुनीत श्रीवास्तव एवं प्राचार्य बीआरडे द्वारा प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरूस्कृत किया।
दिखावे की कार्यवाही
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ राजेष पाण्डेय ने बताया कि राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में गुटखा तम्बाकू, सिगरेट उत्पाद एवं विक्रय में नियंत्रण हेतु जिले में लगातार पान, गुटखा विक्रताओं के दुकानो में छापा की कार्यवाही कर उनको जुर्माना किया जा रहा है। जिला नोड़ल अधिकारी डाॅ पुनीत श्रीवास्तव ने बताया है कि शैक्षाणिक संस्थाओं को तम्बाखू मुक्त परिसर बनाने की कार्यवाही सतत् जारी है।
कोटप्पा अधिनियम का खुला उल्लंघन
कोटप्पा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत शैक्षाणिक संस्थाओ ,सार्वजनिक स्थलों, मनोरंजन कक्ष, पार्क, रेल्वे स्टेषन, बस स्टैण्ड में तम्बाकू उत्पाद का क्रय-विक्रय एवं प्रतिबंधित है। लेकिन ज्यादातर जिले के कई स्कूलों, कॉलेज व शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बेरोकटोक तम्बाकू उत्पाद सरलता से मिल जाते हैं। और नियंत्रण के लिए दुकान संचालको पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अगुवाई में उनके अनुभाग क्षेत्र में छापा की कार्यवाही राष्ट्रीय दिवसीय की जाती है।
सलाह और कार्यवाही की सतत जरूरत
मानसिक रोग चिकित्सक डाॅ मुकुन्द चतुर्वेदी ने बच्चो को राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार एवं बच्चो को तम्बाकू के दुष्परिणामो से बचने के लिए मानसिक रूप से मजबूत होने की सलाह दी।राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण के कार्यक्रम यदि स्कूलो के आसपास लगने वाली तम्बाखु युक्त उत्पादन को कोटप्पा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक स्थलों, मनोरंजन कक्ष, पार्क, रेल्वे स्टेशन, बस स्टैंड में तम्बाकू उत्पादन का क्रय विक्रय पूर्णतय प्रतिबंधित है लेकिन इन सभी जगहों पर बेरोकटोक तम्बाकू युक्त उत्पादन बेचे जा रहे हैं। इन पर निरन्तर कार्यवाही ही एक अच्छी पहल साबित होगी।

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