पुलिस भर्ती व्यापाम घोटाला में 31 आरोपी दोषी करार

भोपाल।आरक्षक भर्ती परीक्षा के फर्जी परीक्षार्थी को 7 साल की जेल
सीबीआई की विशेष अदालत ने व्यापमं की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा- 2016 में फर्जी परीक्षार्थी के रूप में शामिल होने वाले आरोपी शिवरतन सिंह तोमर को सात साल के कारावास और 6 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि इसी मामले के आरोपी जुगराज सिंह गुर्जर को अदालत 28 फरवरी 2019 को फरार घोषित कर चुकी है। सजा बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने सुनाई।शिवरतन पहले ही दोषी माना था व्यापमं के पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2013 घोटाले के मामले में सभी 31 आरोपियों को अदालत ने दोषी माना है। विशेष न्यायाधीश एसबी साहू ने सभी आरोपितों को सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए हैं। कोर्ट सजा का ऐलान 25 नवंबर को करेगी। व्यापमं मामले में एसटीएफ की यह पहली एफआईआर थी। राजेंद्र नगर थाने में दर्ज मामले के बाद जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी।एफआईआर दर्ज होने के कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते व्यापमं घोटाले की जांच एसटीएफ से हटाकर सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा घोटाले की 2013 परीक्षा घोटाले के मामले में 31 लोगों को आरोपी बनाया था। इस मामले में गवाही 2014 में शुरू हुई थी। गवाही पांच साल चली

उसने परीक्षा सेंटर पर खुद को जुगराज बताते हुए परीक्षा देने की कोशिश की थी। मामले के अनुसार 6 अगस्त 2016 को खजूरी थाना क्षेत्र में विद्या पीठ इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस एंड टेक्नालॉजी में पुलिस भर्ती परीक्षा में वास्तविक परीक्षार्थी जुगराज सिंह के स्थान पर आरोपी शिवरतन सिंह परीक्षा देने पहुंचा था। सीबीआई कोर्ट ने गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर शिवरतन सिंह को दोषी माना। इस मामले में सरकारी वकील अनिल शुक्ला ने पैरवी की।

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