इंटक पदाधिकारियों से मारपीट का आरोप, फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार की शिकायत पर बढ़ा विवाद
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्राम पंचायत भस्कुरा में मनरेगा के तहत संचालित तालाब निर्माण कार्य के दौरान कथित फर्जी हाजिरी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की जांच करने पहुंचे इंटक (INTUC) संगठन के पदाधिकारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर इंटक संगठन में भारी आक्रोश व्याप्त है। संगठन के जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।
जानकारी के अनुसार ग्रामवासियों ने मनरेगा कार्य में कथित फर्जी हाजिरी भरे जाने की शिकायत इंटक के युवा जिला अध्यक्ष राकेश पुरी से की थी। शिकायत मिलने के बाद राकेश पुरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान यह आरोप सामने आया कि पंच लक्ष्मी वाकरे, रामबाई वाकरे तथा मेट राकेश वाकरे के नाम पर कथित रूप से फर्जी हाजिरी दर्ज की जा रही है। साथ ही रोजगार सहायक शिव सिंह उदय और पंचायत सचिव राजेश जायसवाल की मिलीभगत से अनियमितताएं होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इंटक पदाधिकारियों का आरोप है कि मेट राकेश वाकरे एक ओर मनरेगा में मेट के रूप में कार्य कर रहा है, वहीं दूसरी ओर आवास मित्र के नाम पर भी लाभ प्राप्त कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। संगठन का यह भी आरोप है कि जांच के दौरान पंचायत सचिव ने युवा जिला अध्यक्ष राकेश पुरी को भी फर्जी हाजिरी दर्ज कराने का प्रलोभन दिया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद मेट राकेश वाकरे और उसके साथियों ने इंटक पदाधिकारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। संगठन के सदस्यों ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद गांव के सरपंच द्वारा आपसी समझौते के प्रयास किए गए, जिसके चलते कुछ दिनों तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
मामले की जानकारी मिलने पर इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने संबंधित पदाधिकारियों को जिला कार्यालय बुलाकर पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी तथा कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और अन्य अधिकारियों को भी लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इदरीस अंसारी ने आरोप लगाया कि रोजगार सहायक शिव सिंह उदय का नाम पूर्व में भी फर्जी हाजिरी के एक मामले में सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाती है तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
इंटक जिला अध्यक्ष ने कहा कि संगठन पिछले सात वर्षों से मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है तथा हजारों श्रमिकों को उनका हक दिलाने में सफल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन, घेराव और धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने पर विचार करेगा।