क्षेत्र के बरिष्ठ पत्रकार की हालत नाजुक, सहयोग की अपील

ब्योहारी। क्षेत्र के वरिष्ट पत्रकार व समाजसेवी शिवकुमार गुप्ता अपने कुछ स्थानीय साथियों के साथ कोरोना काल में बाहर से आने वाले लेबर मजदूरों व गरीबों को खाने पीने की व्यवस्था के साथ समाजसेवा के काम में लगे हुऐ थे। अगस्त माह में जाँच हुई तो उनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आ गई, उन्हे रीबा मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी तबीयत बिगडऩे लगी तो उन्हें परिजनों ने रायपुर के निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां उनके स्वास्थ्य में कोई खास सुधार तो नहीं हुआ, बल्कि धीरे धीरे उनकी हालत और बिगड़ती चली गई। लगभग छ:माह तक छत्तीसगढ़ रायपुर के निजी अस्पताल में उनका उपचार चलता रहा। महीनों भर्ती रहने के दौरान उनके कमर में बेडसूल घाव हो गया, लगातार कई माह तक निजी अस्पताल में भर्ती रहने के कारण उनका बहुत अधिक पैसा खर्च हो गया था और स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा था। कहीं से कोई मदद भी नही मिल रही थी, परिजनों ने उन्हें वापस घर ले आना ही उचित समझा और ब्यौहारी ले आए यहां अब रीबा के किसी डांक्टर की दवा चला रहे है। शारीरिक रुप से बेहद कमजोर हो चुके शिवकुमार की आवाज भी अब साफ नहीं निकल पा रही। इन्हें शासन के मदद की बहुत आवश्यकता है। परिजनों ने चर्चा के दौरान बताया कि रायपुर की निजी हॉस्पिटल द्वारा मरीजों का बहुत शोषण किया जाता है। जिस पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।
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