जीपीएम में कांग्रेस कमेटी का फीका रहा बिजली विभाग का घेराव आंदोलन।
गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ राज्य में बढ़ी हुई बिजली दर के विरोध में धरना आंदोलन किया जाना था। जिसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया था।
इसी तारतम्य में जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में भी आज जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पावर हाउस तिराहे पर धरना आंदोलन का कार्यक्रम आयोजित किया था किन्तु इस धरना आंदोलन की पोल तब खुली जब बड़ी संख्या में कांग्रेसी मंच पर नहीं दिखाई दिए।
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रम में गिनती के तीस 20 लोग ही धरने में शामिल हुए इधर कार्यक्रम के लिए सैकड़ों कुर्सियां लगवाई गई थी लेकिन शुरू की लाईन प्रमुख पदाधिकारी एवं नेताओं की भरी हुई थी और पीछे की दो लाईन कुर्सियां खाली दिखाई दी।
धरना स्थल पर कांग्रेसी आंदोलन कारियों से तीन गुना अधिक पुलिस बल तैनात रहा, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अपनी चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी, जिस प्रकार से उम्मीद लगाई गई थी कि हजारों की संख्या में कांग्रेसी आएंगे लेकिन वो नहीं आए।
मौके पर हाल ए हलचल की टीम उन नामचीन चेहरों को खोजती रही जिनके भरोसे पर यहां की कांग्रेस मजबूत दिखाई देती थी ऐसे चेहरे मनोज गुप्ता पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान प्रदेश संयुक्त महासचिव, उत्तम वासुदेव पूर्व जिलाध्यक्ष, राकेश जलान अध्यक्ष नगरपालिका परिषद पेंड्रा, हेमकुंवर श्याम जनपद अध्यक्ष पेंड्रा, श्रीमती मधु बाबा गुप्ता नगर पंचायत अध्यक्ष मरवाही, श्रीमती जानकी खुसरो जनपद अध्यक्ष मरवाही, अरविंद जायसवाल उपाध्यक्ष जनपद पंचायत मरवाही, बूंदकुंवर मास्को जिला पंचायत सदस्य, अशोक शर्मा (पूर्व जिला जेल संदर्शक)सुखदेव सिंह (पूर्व ब्लाक अध्यक्ष)मो नफीस (पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष एवं एल्डरमैन), प्रशांत श्रीवास (ब्लाक अध्यक्ष पेंड्रा), आमिर अली, अमन शर्मा जिलाध्यक्ष यूथ कांग्रेस, श्रीमती विद्या राठौर जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस, सुश्री शहाना बेगम (प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका गांधी संगठन) ऐसे बड़ी संख्या में कांग्रेसी लोगों की अनुपस्थिति में एक बार जिला कांग्रेस कमेटी की अंदरूनी अंतर्कलह को उजागर किया है। और आज कार्यक्रम में शामिल न होने का कारण जानना चाहा तो अधिकांश कांग्रेसी लोगों ने बताया कि जब से संगठन सृजन अभियान के बाद से जिलाध्यक्ष का चयन किया गया तब से पार्टी की हर बैठक, धरना आंदोलन में आमंत्रित ही नहीं किया जाता है इसी प्रकार आज जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा उक्त धरना आंदोलन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था।
सूत्र बताते हैं कि जिलाध्यक्ष गुटबाजी को जन्म दे रहीं हैं और किसी विशेष व्यक्ति के इशारे पर काम कर रही है जिससे कांग्रेस मजबूत होने के बजाय कमजोर हो रही।
ऐसे में सवाल उठता है कि एक ओर राष्ट्रीय स्तर पर और प्रदेश स्तर पर कांग्रेस संगठन सृजन अभियान चला कर कांग्रेसी लोगों को एकजुट करने में लगी है और सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ लडाई लड़ने का आह्वान कर रही है लेकिन जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला पेंड्रा मरवाही द्वारा निर्वाचित पदाधिकारियों को, वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को इतने बड़े कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं कर क्या संदेश देना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार जिला कांग्रेस कमेटी में गुटबाजी हावी है वहां कुछ लोगों के द्वारा यह तय किया जाता है कि इसके बुलाना है इसको नहीं बुलाना है।
जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही की कांग्रेस की वर्तमान स्थिति देख कर नहीं लगता कि ये टीम आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत कर जीत दिला पाएगी।