बोलेरो ने उगली 60 पेटी मे भरी 540 लीटर अवैध शराब, पीछा करते पहुँची पुलिस तस्कर मौके से फरार
बोलेरो ने उगली 60 पेटी मे भरी 540 लीटर अवैध शराब, पीछा करते पहुँची पुलिस तस्कर मौके से फरार
कटनी।। जिले में अवैध शराब कारोबार पर कुठला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करी की एक बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बोलेरो वाहन से 540 लीटर अवैध शराब बरामद कर लगभग 13 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जब्त किया है। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। जिले में नशे के अवैध कारोबार और अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कुठला अखलेश दाहिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार 17 जून 2026 को थाना कुठला पुलिस क्षेत्र में चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान इन्द्रानगर पुल के पास एक सफेद बोलेरो वाहन क्रमांक MP20CK8589 पुलिस को देखकर संदिग्ध तरीके से तेज गति से सेन मोहल्ला की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को कुल 60 कार्टून अवैध शराब बरामद हुई, जिसमें 55 कार्टून देशी लाल मसाला और 5 कार्टून देशी सफेद शराब शामिल थी। कुल 540 लीटर शराब की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये आंकी गई। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन की कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई। इस प्रकार कुल 13 लाख रुपये मूल्य की जब्ती की गई।
वाहन दस्तावेज और पीओएस मशीन के माध्यम से सत्यापन करने पर वाहन शुभम निषाद पिता राजाराम निषाद के नाम पर पंजीबद्ध पाया गया। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 506/26 दर्ज कर धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण कायम किया है और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने कहा कि पुलिस जिले में अवैध शराब के कारोबार, नशा तस्करी और उससे जुड़े अपराधों पर लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। किसी भी स्तर पर अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और इसमें शामिल आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक श्यामनारायण सिंह, प्रधान आरक्षक अजय यादव, आरक्षक शिशिर पाण्डेय, हर्षुल मिश्रा, विजय राणा एवं अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।