पार्षद पति और साथी के संरक्षण में फल-फूल रहा सट्टे का काला कारोबार, ’80 गुना’ के लालच में उजड़ रहे परिवार

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अमलाई । अनूपपुर जिले के अमलाई थाना अंतर्गत ओपीएम (OPM) क्षेत्र में इन दिनों जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार चरम पर है। स्थानीय रसूखदारों के संरक्षण में चल रहे इस खेल ने क्षेत्र के मध्यमवर्गीय और मजदूर परिवारों की कमर तोड़ दी है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट का संचालन मुख्य रूप से पिंटू (पार्षद पति) और उसका सहयोगी उमेश कर रहे हैं।

लालच का मकड़जाल: 1 का 80 बनाने का झांसा

खबर है कि ओपीएम क्षेत्र की गलियों में सट्टे की पर्चियां धड़ल्ले से काटी जा रही हैं। आरोपी पिंटू और उमेश भोले-भाले मजदूरों और युवाओं को 1 रुपये के बदले 80 रुपये देने का सब्जबाग दिखा रहे हैं। कम समय में अमीर बनने के इस घातक लालच में फंसकर लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई, बच्चों की पढ़ाई का पैसा और जीवन भर की पूंजी इन सटोरियों की भेंट चढ़ा रहे हैं।

रसूख की आड़ में कानून को ठेंगा

सूत्रों का कहना है कि पिंटू के ‘पार्षद पति’ होने के कारण पुलिस और प्रशासन के बीच उसका दबदबा बना हुआ है, जिसका फायदा उठाकर वह बेखौफ होकर इस अवैध काम को अंजाम दे रहा है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे इतना बड़ा नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा है? क्या अमलाई थाना पुलिस को इसकी भनक नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?

बर्बादी की कगार पर घर-परिवार

सट्टे की इस लत ने ओपीएम क्षेत्र के कई घरों में चूल्हा जलना मुश्किल कर दिया है। मजदूर वर्ग, जो दिन भर पसीना बहाकर चंद रुपये कमाता है, वह शाम को पिंटू और उमेश के ठिकानों पर जाकर अपनी जेब खाली कर लौटता है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि “80 गुना” मुनाफे का लालच दरअसल एक लूट है, जिसमें जीतता सिर्फ सटोरिया है और हारती आम जनता है।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस गिरोह पर नकेल कसी जाए। यदि समय रहते पार्षद पति पिंटू और उसके साथी उमेश की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में अपराध और आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। जनता अब देखना चाहती है कि क्या कानून इन रसूखदारों पर हाथ डालता है या सट्टे का यह काला बाजार इसी तरह मासूमों की पूंजी डकारता रहेगा।

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